Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

आम्रपाली रेलवे साइडिंग के लिए भूमि हस्तांतरण का विरोध तेज, 20वीं ग्राम सभा स्थगित

---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

ग्रामीणों ने दुकानें बंद रखकर मनाया ‘काला दिवस’, कहा- जमीन और भविष्य से समझौता मंजूर नहीं

टंडवा (चतरा)। आम्रपाली कोल परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित रेलवे साइडिंग लूप लाइन निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण का विरोध लगातार जारी है। शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को टंडवा अंचल क्षेत्र के सेरनदाग गांव में प्रस्तावित 20वीं ग्राम सभा को ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद अंचल अधिकारी, टंडवा द्वारा तत्काल स्थगित कर दिया गया।

ग्रामीणों की लगातार आपत्तियों और जनभावनाओं को देखते हुए ग्राम सभा का स्थगन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, ग्राम सभा स्थगित होने के बावजूद ग्रामीणों ने अपना विरोध जारी रखा और गांव की दुकानें एवं अन्य प्रतिष्ठान बंद रखकर पूरे दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाया।

भूमि हस्तांतरण के विरोध में ग्रामीण एकजुट

ग्रामीणों ने आम्रपाली कोल परियोजना के तहत रेलवे साइडिंग के लिए प्रस्तावित भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उनकी जमीन, घर, धार्मिक एवं सामाजिक स्थलों और भविष्य से जुड़े हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा।

केंद्रीय कोयला मंत्री के समक्ष भी उठाया गया था मामला

ग्रामीणों के अनुसार, चतरा सांसद कालीचरण सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा था। इसके बाद कोयला मंत्रालय की ओर से कोल इंडिया लिमिटेड और संबंधित महाप्रबंधक से रेलवे साइडिंग के लिए प्रस्तावित भूमि के संबंध में जवाब मांगा गया था।

ग्रामीणों का दावा है कि मंत्रालय की ओर से अनावश्यक भूमि को प्रस्ताव से मुक्त करने तथा रेलवे लाइन के लिए आवश्यक भूमि के मानचित्र में आवश्यक परिवर्तन की दिशा में कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि अपेक्षित जवाब और समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई होने के बजाय बार-बार ग्राम सभा आयोजित करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।

पुनः सर्वे और मानचित्र निर्धारण की मांग

ग्रामीणों ने रेलवे साइडिंग के लिए प्रस्तावित भूमि का पुनः सर्वेक्षण एवं मानचित्र निर्धारण कराने, अनावश्यक भूमि को प्रक्रिया से बाहर करने तथा किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा पाए जाने पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा, “हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर ग्रामीणों के अधिकार, जमीन और भविष्य के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

ग्राम सभा स्थगित, आंदोलन जारी रखने का निर्णय

20वीं ग्राम सभा स्थगित होने के बाद भी ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग और आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। सेरनदाग में बाजार और दुकानें बंद रखकर ग्रामीणों ने अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने कहा कि बिना उनकी समस्याओं का समाधान किए रेलवे साइडिंग के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों ने बताया कि चतरा सांसद कालीचरण सिंह, सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल और जेएमएम जिला अध्यक्ष निलेश ज्ञानसेन द्वारा मामले को उठाए जाने से उन्हें अपनी मांग रखने में मजबूती मिली है। 21 अगस्त को प्रस्तावित ग्राम सभा स्थगित होने पर ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार भी जताया। फिलहाल ग्राम सभा स्थगित है, लेकिन रेलवे साइडिंग के लिए प्रस्तावित भूमि हस्तांतरण को लेकर सेरनदाग के ग्रामीणों का विरोध और उनकी मांगें जारी हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment