सात साल बाद भी नहीं हुआ कालीकरण, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी
गिद्धौर (चतरा)। चतरा जिले के गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत बारियातू पंचायत के मसूरिया गांव की ग्रामीण सड़क इन दिनों बारिश के कारण कीचड़ में तब्दील हो गई है। सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि ग्रामीणों को पैदल चलने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण जगह-जगह कीचड़ जमा होने से गांव तक आवागमन मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, अर्जुन यादव के घर से जलमीनार तक सड़क की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। बारिश के दौरान इस मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इसका सीधा असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ रहा है। बच्चों को गिद्धौर और आसपास के स्कूलों में जाने के लिए अर्जुन यादव के घर के समीप तक पैदल पहुंचना पड़ता है, जहां से वे वाहनों के जरिए स्कूल जाते हैं।

ग्रामीण श्रमदान से करते हैं सड़क की मरम्मत
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति को देखते हुए कई बार ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क की मरम्मत की है। इसके बावजूद हर साल बरसात के मौसम में सड़क फिर खस्ताहाल हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए सड़क का पक्कीकरण या बेहतर तरीके से निर्माण कराया जाना जरूरी है।
सात साल से कालीकरण का इंतजार
ग्रामीणों के मुताबिक, करीब सात वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी पथ से मसूरिया गांव तक प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना के तहत सड़क का कालीकरण किया जाना था। उस समय सड़क पर बालू और बोल्डर भी डाला गया था, लेकिन अब तक कालीकरण का काम पूरा नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों ने विधायक, सांसद और जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क का निरीक्षण कराने तथा जल्द से जल्द मरम्मत और कालीकरण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का स्थायी समाधान होने से बरसात के दिनों में आवागमन की समस्या दूर होगी और स्कूली बच्चों को भी राहत मिलेगी।





















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