Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

मानसून में बढ़ा सर्पदंश का खतरा, जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है एंटी स्नेक वेनम

लोहरदगा। मानसून के दौरान जिले में सर्पदंश की घटनाओं में संभावित वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम लोगों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए सतर्कता बरतने और समय पर उपचार कराने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि जून से सितंबर माह के बीच सर्पदंश की घटनाएं अधिक होती हैं और अधिकांश मामलों में इलाज में देरी तथा जागरूकता की कमी के कारण लोगों की जान चली जाती है।

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि रात में घर से बाहर निकलते समय टॉर्च या पर्याप्त रोशनी का उपयोग करें। खेतों, झाड़ियों, लकड़ी अथवा भूसे के ढेर के पास काम करते समय जूते और पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें। घर एवं उसके आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, झाड़ियों और घास की नियमित सफाई कराएं तथा चूहों की संख्या नियंत्रित रखें, क्योंकि चूहे सांपों को आकर्षित करते हैं। बच्चों को झाड़ियों, पत्थरों के ढेर और सुनसान स्थानों में खेलने से रोकने तथा फर्श पर सोने के बजाय ऊंचे बिस्तर का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।

प्रशासन ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखें और बिना समय गंवाए निकटतम अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। कोशिश करें कि पीड़ित को ऐसे वाहन से ले जाया जाए, जिसमें कम झटके लगें। अस्पताल ले जाते समय पीड़ित को यह भरोसा दिलाएं कि समय पर इलाज मिलने से वह स्वस्थ हो सकता है। जिले के सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) दवा उपलब्ध है।

प्रशासन ने लोगों को यह भी आगाह किया है कि सर्पदंश के बाद काटे गए स्थान को काटने, चूसने या दबाने का प्रयास न करें। किसी भी परिस्थिति में रस्सी या कपड़े से कसकर बांधने (टॉर्निकेट) की गलती न करें, क्योंकि इससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। पीड़ित को झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में न ले जाकर सीधे अस्पताल पहुंचाना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जिसका उपचार केवल स्वास्थ्य संस्थानों में ही संभव है। इसलिए किसी भी सर्पदंश की घटना होने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करें और समय पर चिकित्सकीय उपचार प्राप्त करें।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment