कांटा घर के संचालन और बाहर से बुलाए गए बाउंसरों को लेकर भड़का विवाद; हजारीबाग रेफर किए गए घायल ग्रामीण, इंदिरा मोड़ पर लगा महाजाम
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा (गिद्धौर)। चतरा जिला अंतर्गत गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र के द्वारी रेलवे साइडिंग इलाके में शनिवार की दोपहर कोयला ढुलाई और कांटा घर के संचालन पर वर्चस्व को लेकर दो गुटों के बीच बेहद हिंसक और खूनी झड़प हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों की ओर से लाठी-डंडे, टांगी और पत्थर चलने लगे, जिससे समूचे द्वारी बाजार और साइडिंग क्षेत्र में भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण मारपीट में गिद्धौर प्रखंड प्रमुख के पति सह जनप्रतिनिधि उमेश यादव और कई राहगीरों समेत दोनों पक्षों के आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस बल को तैनात किया गया है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
कांटा घर के संचालन का विवाद: शुरुआत से पहले ही रणक्षेत्र बना साइडिंग
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, द्वारी रेलवे साइडिंग का व्यावसायिक संचालन अभी पूरी तरह से शुरू भी नहीं हुआ है। साइडिंग की शुरुआत के ट्रायल के लिए कुछ हायवा वाहनों से कोयला रैक (कोयला लोड) पहुंचा था। इसी दौरान द्वारी गांव के दो गुट किसी बात को लेकर आमने-सामने आ गए और पूर्व से सुलग रहा विवाद अचानक हिंसक संघर्ष में तब्दील हो गया।
बताया जा रहा है कि इस रेलवे साइडिंग के भीतर दो कांटा घर (वे-ब्रिज) बनाए गए हैं। इसमें से एक कांटा घर का संचालन स्थानीय ग्रामीण युवाओं की समिति द्वारा किया जा रहा है, जबकि दूसरे कांटा घर का नियंत्रण क्षेत्र के तीन प्रभावशाली लोगों के हाथों में है। इसी कांटा घर के संचालन और वित्तीय वर्चस्व को लेकर पिछले लंबे समय से दोनों पक्षों में अंदरूनी तनाव बना हुआ था, जो शनिवार को हिंसक रूप में फूट पड़ा।

नेताओं ने बाहर से बुलाए थे ‘बाउंसर’, ग्रामीणों और राहगीरों को टारगेट कर पीटा
स्थानीय पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ स्थानीय नेताओं और रसूखदारों द्वारा वर्चस्व कायम करने के लिए बाहर से भारी संख्या में निजी सुरक्षा गार्ड (बाउंसर) बुलाए गए थे। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इन बाउंसरों के द्वारा द्वारी गांव के भीतर घुसकर स्थानीय ग्रामीणों, चालकों और वहां से गुजर रहे निर्दोष राहगीरों को टारगेट करके बेरहमी से मारपीट की जा रही थी। जब अपनी रक्षा के लिए ग्रामीण एकजुट होकर बचाव में उतरे, तब दोनों ओर से हिंसक झड़प शुरू हो गई। इस हिंसक पथराव और लाठीबाजी की चपेट में आने से आसपास से गुजर रहे कई राहगीर भी चोटिल हुए हैं।
घायलों की सूची: प्राथमिक उपचार के बाद हजारीबाग रेफर
इस हिंसक झड़प में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घायलों में मुख्य रूप से शामिल हैं: उमेश यादव (गिद्धौर प्रखंड प्रमुख पति सह जनप्रतिनिधि) विजय यादव (स्थानीय ग्रामीण) अर्जुन यादव (स्थानीय ग्रामीण) अजय यादव (स्थानीय ग्रामीण) युनुस अंसारी (स्थानीय ग्रामीण) जगदेव गोप (स्थानीय ग्रामीण)
समाचार लिखे जाने तक घटना में किसी के हताहत (जान जाने) होने की सूचना नहीं है, लेकिन कइयों के सिर और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
द्वारी रेलवे साइडिंग हिंसक झड़प: मुख्य विवरण
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│ मुख्य घटनास्थल │ द्वारी रेलवे साइडिंग क्षेत्र, गिद्धौर (चतरा)│
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│ मुख्य विवाद का कारण │ दो कांटा घरों के संचालन व वित्तीय वर्चस्व │
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│ घायल जनप्रतिनिधि │ उमेश यादव (प्रखंड प्रमुख पति) │
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│ ग्रामीणों का गंभीर आरोप │ नेताओं द्वारा बाहर से बाउंसर बुलाकर हमला कराना│
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│ विरोध प्रदर्शन │ चतरा-हजारीबाग मुख्य मार्ग (इंदिरा मोड़) जाम │
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कार्रवाई की मांग को लेकर इंदिरा मोड़ पर महाजाम, पुलिसिया हस्तक्षेप से खुला मार्ग

इधर, इस खूनी झड़प के बाद माहौल बेहद गरमा गया। घटना से आक्रोशित होकर घायल प्रमुख पति उमेश यादव के समर्थकों और सैकड़ों ग्रामीणों ने चतरा-हजारीबाग मुख्य पथ को गिद्धौर के इंदिरा मोड़ के पास पूरी तरह से जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी सड़क पर टायर जलाकर बैठ गए और दोषी बाउंसरों व उन्हें बुलाने वाले नेताओं पर तत्काल क्रिमिनल केस दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग करने लगे। रोड जाम होने के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
घटना और महाजाम की सूचना मिलते ही गिद्धौर थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी, बाहरी गुंडों/बाउंसरों की पहचान कर उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और साइडिंग में कानून व्यवस्था बहाल रखी जाएगी। प्रशासनिक पदाधिकारियों के इस ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम को हटाया, जिसके बाद पुलिस ने यातायात को सुचारू कराया। पुलिस बल फिलहाल द्वारी बाजार में कैंप कर स्थिति पर नजर रख रही है।






















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