खेल व पर्यटन योजनाओं की समीक्षा: उपायुक्त ने पुरानी योजनाओं पर जताई नाराजगी; बोले— ‘युद्धस्तर पर काम कर ससमय पूरा करें योजनाएं’
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
देवघर। देवघर समाहरणालय स्थित सभागार में शनिवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में खेल एवं पर्यटन विभाग की एक उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2023-2024, 2024-2025 तथा जिला पर्यटन संवर्धन परिषद (DTPC) के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न जन-कल्याणकारी और ढांचागत विकास योजनाओं की बिंदुवार प्रगति रिपोर्ट का बारीकी से विश्लेषण और मूल्यांकन किया।
लापरवाह एजेंसियों पर गिरेगी गाज, कोताही बरतने पर होंगी ब्लैकलिस्ट: उपायुक्त
समीक्षा के दौरान उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कड़ा प्रशासनिक रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि जिले में चल रहे विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या निर्माण कार्य की गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बैठक में मौजूद विभागीय अभियंतों और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी कार्य एजेंसियां (ठेकेदार) अपने दायित्वों के निर्वहन में कोताही बरत रही हैं या बिना किसी ठोस कारण के योजनाओं में अनावश्यक देरी कर रही हैं, उन्हें तुरंत चिन्हित करें। उपायुक्त ने आदेश दिया कि:
“ऐसी लापरवाह और सुस्त कार्य एजेंसियों को तत्काल प्रभाव से शोकॉज (कारण पृच्छा) जारी करें और उन्हें काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डालने हेतु सक्षम प्राधिकार को अविलंब अनुशंसा भेजें।”
पारदर्शिता के साथ ‘ससमय’ कार्य पूरा करने पर विशेष जोर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने चल रही विभिन्न परियोजनाओं की समयसीमा (डेडलाइन) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शेष बचे सभी विकास कार्यों को पूर्ण पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ ‘ससमय’ (निर्धारित अवधि के भीतर) हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि देवघर की आम जनता और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को इन खेल व पर्यटन सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
अंचलाधिकारियों से समन्वय कर सुलझाएं भूमि उपलब्धता का विवाद
जिले में कई खेल मैदानों और पर्यटन स्थलों के निर्माण में आ रही भूमि उपलब्धता (लैंड क्लीयरेंस) की समस्या को त्वरित गति से सुलझाने के लिए उपायुक्त ने एक प्रभावी रणनीति बनाने पर बल दिया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि वे स्थानीय अंचलाधिकारी (CO) से निरंतर संपर्क बनाए रखें और बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रस्तावित स्थलों का भौतिक चिन्हीकरण व सीमांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने साफ कहा कि प्रशासनिक अड़चनों या विभागीय तालमेल की कमी के कारण कोई भी जन-कल्याणकारी योजना लंबित नहीं रहनी चाहिए।
वर्षों से अधर में लटकी पुरानी योजनाओं पर जताई भारी नाराजगी
इसके अतिरिक्त, बैठक में उपायुक्त ने विशेष रूप से पुरानी और लंबे समय से लंबित पड़ी योजनाओं की कछुआ चाल स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कड़े और सख्त शब्दों में अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षों से अधर में लटकी या धीमी गति से चल रही पुरानी योजनाओं को युद्धस्तर पर काम करते हुए जल्द से जल्द पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने अंत में कहा कि योजनाओं के अनावश्यक रूप से लंबित रहने से न सिर्फ सरकारी राजस्व और राशि का नुकसान होता है, बल्कि आम जनता और युवा भी खेल और पर्यटन के सीधे लाभ से वंचित रह जाते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





















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