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अदालत में ईडी का बड़ा खुलासा- व्हाट्सएप चैट से मिले सबूत, अवैध रूप से वसूला जाता था गुंडा टैक्स

On: June 20, 2026 2:41 AM
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कोयला तस्करी मामले में थाने के पूर्व ओसी 25 जून तक ईडी की हिरासत में; कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच हुई तीखी बहस

कोलकाता। बहुचर्चित कोयला तस्करी और अवैध वित्तीय हेरफेर के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए बुदबुद थाने के पूर्व प्रभारी (ओसी) मनोरंजन मंडल को शुक्रवार को कोलकाता की विशेष सिटी सेशन कोर्ट में पेश किया गया। इस हाई-प्रोफाइल मामले की विस्तृत सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सुदीप्त कुमार दे की विशेष अदालत में हुई, जहां केंद्रीय जांच एजेंसी (ईडी) और बचाव पक्ष के वकीलों के बीच कानूनी दांव-पेच और दलीलों की तीखी बहस देखने को मिली।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पूर्व पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल को 25 जून 2026 तक ईडी की हिरासत (रिमांड) में भेजने का निर्देश दिया है।

संगठित सिंडिकेट और ‘गुंडा टैक्स’ का खेल: ईडी के वकील की दलील

अदालत की कार्यवाही के दौरान ईडी की ओर से पक्ष रखते हुए प्रख्यात अधिवक्ता भास्कर प्रसाद बनर्जी ने जज के सामने कई चौंकाने वाले तथ्य रखे। उन्होंने अदालत को बताया कि यह केवल एक साधारण भ्रष्टाचार का मामला नहीं है, बल्कि यह कोयला तस्करी से जुड़े एक बेहद शक्तिशाली, संगठित सिंडिकेट और गहरी वित्तीय साजिश से संबंधित है।

ईडी ने पूर्व थाना प्रभारी पर सीधे तौर पर आरोप लगाया कि:

“इस पूरे अवैध नेटवर्क के तहत कोयलांचल और आस-पास के क्षेत्रों में व्यापारियों व अन्य लोगों से जबरन ‘गुंडा टैक्स’ (अवैध लेवी) वसूला जाता था। आरोपी पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल इस पूरे तंत्र के मुख्य पहियों में से एक थे और उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर इस अवैध धंधे को संरक्षण दिया।”

व्हाट्सएप चैट और ₹7 करोड़ के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का भंडाफोड़

जांच एजेंसी ने अदालत को जांच की वर्तमान प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि कोयला तस्करी के खेल में अब तक दो बड़े सिंडिकेट के सक्रिय होने की पुख्ता जानकारी मिली है। इस पूरे सिंडिकेट के खिलाफ अब तक कुल 47 एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से सात मुख्य मामलों के आधार पर ईडी ने अपनी मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) की जांच को आगे बढ़ाया है।

ईडी के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि:

  • डिजिटल साक्ष्य: आरोपी मनोरंजन मंडल के पास से जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों, विशेषकर उनके व्हाट्सएप चैट (WhatsApp Chats) के विश्लेषण से तस्करी नेटवर्क और पैसों के लेन-देन को लेकर कई महत्वपूर्ण और अकाट्य जानकारियां मिली हैं।

  • करोड़ों का ट्रांजैक्शन: प्रारंभिक तकनीकी और फॉरेंसिक जांच में करीब सात करोड़ रुपये के संदिग्ध और पूरी तरह अवैध वित्तीय लेन-देन (इललीगल ट्रांजैक्शन) का भी बड़ा खुलासा हुआ है। इस पैसे के अंतिम लाभार्थियों (बेनिफिशियरी) का पता लगाने के लिए आरोपी से आमने-सामने पूछताछ जरूरी है।

बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी को बताया अवैध, मांगी ‘डिवीजन-1 कैदी’ की सुविधा

दूसरी तरफ, आरोपी पूर्व ओसी की ओर से पैरवी कर रहे देश के जाने-माने अधिवक्ता अयन भट्टाचार्य ने ईडी की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उन्होंने मनोरंजन मंडल की गिरफ्तारी को पूरी तरह अवैध और राजनीति से प्रेरित बताते हुए अदालत में नियमित जमानत की याचिका दायर की।

बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि: “मेरे मुवक्किल लंबे समय तक एक जिम्मेदार सरकारी पदाधिकारी (पुलिस अधिकारी) रहे हैं और उनके खिलाफ बिना किसी पुख्ता और प्रत्यक्ष सबूत के यह दंडात्मक कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं है।” इसके साथ ही उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि यदि आरोपी को हिरासत में भेजा भी जाता है, तो उनके पूर्व पद और गरिमा को देखते हुए उन्हें जेल या कस्टडी में ‘डिवीजन-1 कैदी’ (VIP कैदी) का दर्जा और आवश्यक सुविधाएं दी जाएं।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को रिकॉर्ड पर लेने के बाद जमानत याचिका को खारिज कर दिया और आरोपी को 25 जून तक ईडी की रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया। अब इस अवधि के दौरान ईडी की टीम मनोरंजन मंडल को दिल्ली या कोलकाता स्थित क्षेत्रीय मुख्यालय में रखकर इस कोयला तस्करी सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े राजनेताओं और अन्य आला पुलिस अधिकारियों के नामों का खुलासा कराने का प्रयास करेगी।

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