एम्स में सिक्योरिटी गार्डों का धरना समाप्त: हटाए गए कर्मियों को 4 दिन बाद वापस काम पर लेने का मिला आश्वासन; आरोपों की होगी जांच
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
देवघर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) देवीपुर में सुरक्षा कर्मियों (सिक्योरिटी गार्डों) को अचानक नौकरी से हटाए जाने के विरोध में चल रहा गतिरोध शुक्रवार को समाप्त हो गया। अपनी मांगों को लेकर सुरक्षा कर्मी लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह से ही एम्स के मुख्य प्रवेश द्वार (गेट) पर धरने पर बैठ गए थे। इस दौरान आंदोलनकारी गार्डों ने एम्स प्रबंधन की तानाशाही नीतियों और मनमाने रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए प्रशासनिक हलचल तेज हो गई।
सुपरवाइजर सजल प्रताप सिंह ने कराई सुलह, 4 दिन का दिया गया ‘रेस्ट’
गार्डों के उग्र होते आंदोलन को देखते हुए एम्स प्रशासन और आंदोलनकारी सुरक्षा कर्मियों के बीच बीच-बचाव करने के लिए गार्ड्स के मुख्य सुपरवाइजर सजल प्रताप सिंह आगे आए। उन्होंने एम्स प्रबंधन और पीड़ित गार्डों के बीच महत्वपूर्ण मध्यस्थता की।
सुपरवाइजर ने आंदोलनकारी गार्डों को वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि: “सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से स्थाई रूप से बर्खास्त नहीं किया गया है। वर्तमान में कुछ तकनीकी कारणों और शिकायतों के मद्देनजर इन्हें सिर्फ चार दिनों के लिए कार्य से ‘होल्ड’ पर रखा गया है (बैठा दिया गया है)।”
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आरोपों की होगी निष्पक्ष जांच, आश्वासन के बाद धरना खत्म
सुपरवाइजर सजल प्रताप सिंह ने मीडिया और प्रदर्शनकारी कर्मियों को आश्वस्त किया कि जिन गार्डों पर विभागीय नियमों के उल्लंघन या लापरवाही के आरोप लगे हैं, उस संबंध में प्रबंधन द्वारा एक निष्पक्ष आंतरिक जांच कमेटी गठित की जाएगी। चार दिनों के भीतर जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर हटाए गए सभी गार्डों को ससम्मान वापस काम पर वापस ले लिया जाएगा।
प्रबंधन और सुपरवाइजर की ओर से मिले इस पुख्ता लिखित व मौखिक आश्वासन के बाद सुरक्षा कर्मियों ने अपनी हड़ताल और धरना प्रदर्शन को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद एम्स देवीपुर के मुख्य गेट पर स्थिति सामान्य हो सकी और मरीजों व स्वास्थ्य कर्मियों का आवागमन सुचारू रूप से बहाल हुआ। गार्डों ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन बाद उन्हें वापस ड्यूटी पर नहीं रखा गया, तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।





















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