आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं का लगेगा डिजिटल मेला! उपायुक्त ने कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा। चतरा जिले के अन्नदाताओं और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत पद्धतियों एवं सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी कृषि कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे उनके गांव-घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक बड़ी प्रशासनिक पहल की गई है। शुक्रवार को समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) परिसर, चतरा से उपायुक्त (DC) रवि आनंद द्वारा ‘डिजिटल कृषि रथ’ को हरी झंडी दिखाकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया।
यह आधुनिक रथ जिले के विभिन्न सुदूर प्रखंडों एवं पंचायतों का व्यापक भ्रमण कर किसानों को कृषि, पशुपालन, बागवानी एवं मत्स्य पालन से संबंधित सरकारी अनुदानों व योजनाओं की विस्तृत जानकारी ऑन-द-स्पॉट उपलब्ध कराएगा। इस गौरवपूर्ण अवसर पर अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी गौतम कुमार, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित आत्मा (ATMA) के प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (BTM), सहायक तकनीकी प्रबंधक (ATM) एवं कृषि विभाग के मुख्य कर्मी उपस्थित थे।
ऑडियो-वीडियो और प्रोजेक्टर से लैस हैं रथ, 3 जुलाई तक चलेगा महाअभियान
जिला प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पूरे चतरा जिले में व्यापक जागरूकता के लिए कुल दो (2) डिजिटल कृषि रथ संचालित किए जा रहे हैं। ये दोनों रथ 19 जून 2026 से 03 जुलाई 2026 तक जिले के सभी प्रखंडों की प्रत्येक पंचायत और मुख्य गांवों में रूट चार्ट के अनुसार भ्रमण करेंगे।

आधुनिक प्रणाली: इन वाहनों में अत्याधुनिक प्रोजेक्टर, हाई-डेफिनिशन स्क्रीन और लाउड ऑडियो-वीडियो प्रणाली स्थापित की गई है।
दिखाई जाएंगी शॉर्ट फिल्में: इसके माध्यम से किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, उन्नत हाइब्रिड कृषि पद्धतियों, जीरो बजट प्राकृतिक खेती (Organic Farming), फसल विविधीकरण, वैज्ञानिक पशुपालन, मत्स्य पालन तथा कृषि यंत्रीकरण (ट्रैक्टर व रोटावेटर पर सब्सिडी) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां और सफल किसानों की प्रेरक लघु फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी।
मृदा स्वास्थ्य और बीज वितरण के प्रति किसानों को किया जाएगा जागरूक
भ्रमण के दौरान रथ के साथ मौजूद कृषि विशेषज्ञ किसानों को खरीफ फसल के तहत वर्तमान में चल रहे बीज वितरण कार्यक्रम, कृषि यंत्र अनुदान योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) प्रबंधन, खेतों में जल संरक्षण की विधियों एवं अन्य कृषि आधारित स्वरोजगार योजनाओं के संबंध में भी विस्तार से जागरूक करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर सीधे अधिक से अधिक असली किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है, ताकि लागत कम हो और किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि हो सके।
खेती में तकनीक का समावेश समय की मांग: उपायुक्त रवि आनंद
डिजिटल कृषि रथ को रवाना करने के बाद मीडिया से बात करते हुए उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि: “वर्तमान दौर में कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समावेश समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कई बार जानकारी के अभाव में सुदूर गांवों के किसान कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। यह डिजिटल कृषि रथ हमारे किसानों को नवीनतम जानकारियों और सरकारी सब्सिडी से सीधे जोड़ने का एक बेहद पारदर्शी और प्रभावी माध्यम बनेगा।”

उपायुक्त ने जिले के तमाम किसान भाइयों और महिला स्वयं सहायता समूहों से पुरजोर अपील की है कि जैसे ही यह रथ उनके संबंधित क्षेत्र या पंचायत सचिवालय में पहुंचे, वे अधिकाधिक संख्या में वहां उपस्थित होकर प्रदर्शित की जा रही जानकारियों को समझें, ब्रोशर प्राप्त करें और अपनी खेती को अधिक लाभकारी व आधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएं। कृषि विभाग का मानना है कि यह जागरूकता अभियान जिले में कृषि विकास को एक नई गति प्रदान करने के साथ-साथ चतरा के किसानों को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।






















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