नशे की लत से उजड़ते परिवार और मानसिक विकृतियों पर पुलिस कप्तान ने ग्रामीणों को किया सचेत; सौ से अधिक महिलाओं और ग्रामीणों ने एक स्वर में ली नशा उन्मूलन की कड़क शपथ; सूचना तंत्र मजबूत करने की अपील
न्यूज स्केल लाइव
गिद्धौर (चतरा): चतरा जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और युवाओं में बढ़ती नशे की जानलेवा लत के पूर्ण खात्मे को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस पूरी तरह धरातल पर उतर चुकी है। इसी कड़ी में गिद्धौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांगपुर गांव में शनिवार को निषिद्ध मादक पदार्थों के क्रूर नियंत्रण और रोकथाम को लेकर एक दिवसीय विशेष विधिक व सामाजिक जागरूकता शिविर अभियान चलाया गया।
इस महत्वपूर्ण अभियान का नेतृत्व खुद गिद्धौर थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री ने किया। शिविर के दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को मादक पदार्थों के काले साम्राज्य के खिलाफ एकजुट होने और अपने बच्चों को इस दलदल से बचाने के लिए कड़ा विधिक पाठ पढ़ाया।
नशा सिर्फ इंसान के शरीर को ही नहीं, बल्कि पूरी सामाजिक प्रतिष्ठा को कर देता है नष्ट: थाना प्रभारी
शिविर में उपस्थित ग्रामीण माताओं, बहनों और युवाओं को बेहद संवेदनशीलता और कड़े लहजे में संबोधित करते हुए थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री ने कहा कि मादक पदार्थों और अफीम-ब्राउन शुगर का सेवन आज हमारे पूरे ग्रामीण व शहरी समाज के सामने एक विकट व भयावह विधिक समस्या बनकर खड़ा हो गया है।
उन्होंने तकनीकी पहलुओं को समझाते हुए बताया कि नशीले पदार्थों का सेवन न केवल एक व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को पूरी तरह तबाह और अपाहिज कर देता है, बल्कि इसके कारण हँसते-खेलते परिवार सड़क पर आ जाते हैं और पूरे समाज के लिए इसके गंभीर व जानलेवा परिणाम सामने आते हैं।
मानसिक अवसाद और घरेलू हिंसा का सबसे बड़ा विधिक कारण है मादक पदार्थ
थाना प्रभारी ने नशे के सेवन से मानव मस्तिष्क पर पड़ने वाले कुप्रभावों और इससे उत्पन्न होने वाली गंभीर विधिक व चिकित्सीय बीमारियों के बारे में विस्तार से तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि:
मानसिक बीमारी: लगातार नशे के सेवन से व्यक्ति विधिक व मानसिक रूप से पूरी तरह अस्वस्थ हो जाता है और वह हर वक्त गंभीर अवसाद (चिंता), अनिद्रा और अत्यधिक गुस्से का शिकार रहने लगता है।
पारिवारिक बिखराव: मानसिक संतुलन खोने के कारण पीड़ित व्यक्ति के अपने ही घर में पारिवारिक संबंध पूरी तरह बिगड़ जाते हैं, जिससे घरेलू हिंसा के मामले बढ़ते हैं।
आर्थिक व सामाजिक नुकसान: नशे की लत को पूरा करने के लिए व्यक्ति चोरी और संगीन अपराधों की ओर अग्रसर होता है, जिससे उसकी पूरी सामाजिक प्रतिष्ठा पल भर में नष्ट हो जाती है।
सौ से अधिक ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से ली कड़क शपथ, आस-पड़ोस में चलाएंगे प्रचार अभियान
पुलिस की इस मर्मस्पर्शी और कड़क विधिक अपील का गांगपुर के ग्रामीणों पर व्यापक असर देखने को मिला। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में उपस्थित सौ से अधिक की संख्या में ग्रामीण महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने थाना प्रभारी की उपस्थिति में हाथ आगे बढ़ाकर संयुक्त रूप से अपने पूरे गांव, पंचायत और गिद्धौर प्रखंड को पूर्णतः ‘नशा मुक्त प्रखंड’ बनाने की कड़क विधिक शपथ ली।
ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे न केवल खुद और अपने बच्चों को नशे से दूर रखेंगे, बल्कि अपने आस-पड़ोस और नाते-रिश्तेदारों के बीच भी नशा न करने का व्यापक सामाजिक प्रचार-प्रसार करेंगे। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने पुलिस को भरोसा दिलाया कि यदि क्षेत्र में कोई भी धंधेबाज अवैध अफीम, डोडा या ब्राउन शुगर की बिक्री या परिवहन करता पाया गया, तो उसकी गुप्त विधिक सूचना तुरंत गिद्धौर थाना प्रभारी को देंगे। इस मौके पर क्षेत्र के कई गणमान्य जन और भारी संख्या में ग्रामीण मुख्य रूप से उपस्थित थे।





















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