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शिकारियों का दुस्साहस: महुआ चुनने गई महिला को मारी गोली, सफल ऑपरेशन के बाद बांह से निकाला गया छर्रा, जंगल खंगाल रही संयुक्त पुलिस

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 महिला की हालत अब खतरे से बाहर; एसडीपीओ के नेतृत्व में एसएसबी जवानों और दो जिलों की पुलिस ने चलाया सघन सर्च ऑपरेशन

न्यूज स्केल लाइव

सिमरिया/चतरा: चतरा जिले के शिला आउटपोस्ट (ओपी) अंतर्गत चोपे गांव निवासी शांति देवी (पति चुरामन सिंह भोक्ता) की स्थिति अब पूरी तरह खतरे से बाहर है। सोमवार की शाम पड़ोसी जिले हजारीबाग के कटकमदाग थाना क्षेत्र अंतर्गत पननवाटांड जंगल में महुआ का फल (डोरही) चुनने के दौरान शिकारियों की गोली का शिकार हुई इस महिला का चिकित्सकों ने अत्यंत सफल ऑपरेशन कर उनके बाएं बांह में धंसा बंदूक का छर्रा सुरक्षित बाहर निकाल दिया है।

इस दुस्साहसिक घटना के बाद से सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों और वन संपदा के पास रहने वाले स्थानीय लोगों के बीच बिजली की तरह आक्रोश और गहरा दहशत का माहौल व्याप्त है।

शिला ओपी प्रभारी की तत्परता से समय पर पहुंची अस्पताल, डॉक्टरों ने बचाई जान

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की शाम जब शांति देवी जंगल में डोरही चुन रही थीं, तभी जंगली जानवरों का अवैध शिकार करने के उद्देश्य से छिपे अपराधियों (शिकारियों) ने उन पर अंधाधुंध गोली चला दी थी। घटना के बाद खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल महिला को शिला ओपी प्रभारी हरिश्चंद्र तिरवार के सक्रिय सहयोग और तत्परता से तुरंत प्राथमिक उपचार दिलाते हुए बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया था।

हजारीबाग के अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष मुस्तैदी और त्वरित सर्जिकल ऑपरेशन के कारण महिला की जान समय रहते बच गई है। वर्तमान में वे अस्पताल के वार्ड में भर्ती हैं और उनका इलाज पूरी निगरानी में जारी है।

रात में ही पहुंचे एसडीपीओ, चप्पे-चप्पे को खंगाल रहे एसएसबी के जवान

इस सनसनीखेज वारदात को बेहद गंभीरता से लेते हुए चतरा और हजारीबाग दोनों जिलों की पुलिस पूरी तरह से रेस (फुल एक्शन मोड में) हो गई है। सोमवार की देर रात ही सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहेब, सिमरिया थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह और शिला ओपी प्रभारी हरिश्चंद्र तिरवार ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों के साथ मिलकर घने जंगलों के बीच स्थित घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए।

चूंकि वारदात का मुख्य घटनास्थल तकनीकी रूप से हजारीबाग जिले का कटकमदाग थाना क्षेत्र है, इसलिए मंगलवार को हजारीबाग और चतरा जिले की पुलिस ने आपसी समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रूप से पननवाटांड और उसके आस-पास के सभी जुड़वां जंगली क्षेत्रों में एक सघन और बड़ा छापेमारी अभियान चलाया। सिमरिया एसडीपीओ और स्थानीय थाना प्रभारियों की प्रत्यक्ष देखरेख में भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बल के जवान जंगल के चप्पे-चप्पे को खंगाल रहे हैं।

कटकमदाग थाने में प्राथमिकी दर्ज, शिकारियों को दबोचने के लिए हर ठिकाने पर दबिश

भौगोलिक सीमा के अनुसार घटनास्थल हजारीबाग का कटकमदाग क्षेत्र होने के कारण इस पूरी वारदात का आधिकारिक मामला कटकमदाग थाने में सुसंगत और कड़ी धाराओं के तहत दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस उच्च सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रतिबंधित वन क्षेत्र में अवैध रूप से हथियारों के साथ घुसकर जंगली जानवरों के शिकार के उद्देश्य से घात लगाकर छिपे अपराधियों की पहचान के लिए पुलिस की खुफिया और तकनीकी टीम को एक्टिव कर दिया गया है। दोनों जिलों की पुलिस संयुक्त सिंडिकेट बनाकर और आपसी सूचनाएं साझा करते हुए इस सनसनीखेज कांड में शामिल फरार अपराधियों को दबोचने के लिए उनके हर संभावित और गुप्त ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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