2 की नाजुक हालत देख रांची रिम्स रेफर; लचर चिकित्सा व्यवस्था की खुली पोल
न्यूज स्केल लाइव
कुंदा (चतरा): चतरा जिले के सुदूरवर्ती कुंदा प्रखंड अंतर्गत सिद्दकी मोड़ के समीप बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस भीषण दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान लवालौंग थाना क्षेत्र के आराआतु गांव निवासी हेमनाथ गंझु के रूप में की गई है।
वहीं इस घटना में सुरेंद्र गंझु और अंशु गंझु गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से सुरेंद्र गंझु की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। इस हादसे ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर कुंदा में बदहाल और दम तोड़ती सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कलई खोलकर रख दी है।
एन वक्त पर नहीं मिली एम्बुलेंस, थाना प्रभारी प्रिंस कुमार बने ‘देवदूत’
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सिद्दकी मोड़ के पास हुए इस हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत सरकारी 108 एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन हमेशा की तरह आपात स्थिति में एम्बुलेंस समय पर घटना स्थल पर नहीं पहुंच सकी। तड़पते घायलों को देखकर मौके पर पहुंचे कुंदा थाना प्रभारी प्रिंस कुमार सिंह ने संवेदनशीलता और मानवता का परिचय दिया।
उन्होंने बिना समय गंवाए दोनों लहूलुहान घायलों को तुरंत अपनी ही सरकारी गाड़ी (पुलिस वाहन) में लादा और सीधे कुंदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर भागे।
रेफर-दर-रेफर का खेल: ताला लटके स्वास्थ्य केंद्र में नहीं मिले डॉक्टर
थाना प्रभारी की तत्परता के बावजूद व्यवस्था के निकम्मेपन ने घायलों की जान को और जोखिम में डाल दिया। जब पुलिस टीम घायलों को लेकर कुंदा स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, तो वहां ड्यूटी से डॉक्टर नदारद (गायब) थे। डॉक्टर के न होने से अस्पताल में घायलों का प्राथमिक उपचार तक शुरू नहीं हो सका और कीमती समय बर्बाद हो गया।
अस्पताल की इस घोर लापरवाही को देखते हुए थाना प्रभारी ने सूझबूझ दिखाई और घायलों को अविलंब प्रतापपुर स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया।
प्रतापपुर में प्राथमिक इलाज: प्रतापपुर अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों घायलों को प्राथमिक जीवन रक्षक उपचार दिया।
चतरा से रांची रिम्स रेफर: हालत में सुधार न होते देख और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उन्हें चतरा सदर अस्पताल भेजा गया, जहाँ से डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों को बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स (RIMS) रेफर कर दिया है।
मरीजों के लिए ‘रेफरल हब’ और मौत का कुआं बना कुंदा स्वास्थ्य केंद्र: ग्रामीण
इस अमानवीय घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों ने ‘न्यूज स्केल लाइव’ के समक्ष अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि कुंदा प्रखंड की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था अब पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ चुकी है।
ग्रामीणों का सीधा आरोप: “लाखों रुपये की लागत से बने स्वास्थ्य केंद्र में न तो आपातकालीन समय में एम्बुलेंस मिलती है और न ही इलाज के लिए डॉक्टर सीट पर बैठते हैं। कुंदा स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ ‘रेफरल हब’ बनकर रह गया है, जहां समय पर इलाज न मिलने के कारण गरीब ग्रामीणों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। डॉक्टरों की यह मनमानी और अनुपस्थिति सीधे तौर पर आपराधिक लापरवाही है।”
ग्रामीणों ने चतरा उपायुक्त रवि आनंद और मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (CS) से इस मामले को संज्ञान में लेते हुए ड्यूटी से गायब रहने वाले दोषी डॉक्टरों और एम्बुलेंस प्रबंधन पर सख्त कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।




















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