लाल आतंक तो मिटा, पर हारूल गांव की बदहाली नहीं: दो दशक बाद भी पक्की सड़क को तरस रहे ग्रामीण, प्रसव के वक्त डोली-खटोली ही सहारा

WhatsApp Group Join Now बारिश आते ही टापू बन जाता है गांव; चितवातरी टोला में 1 किमी दूर से पानी … Continue reading लाल आतंक तो मिटा, पर हारूल गांव की बदहाली नहीं: दो दशक बाद भी पक्की सड़क को तरस रहे ग्रामीण, प्रसव के वक्त डोली-खटोली ही सहारा