जमीन विवाद में गोलीबारी और मौत के बाद जातीय लामबंदी तेज, 5 जून की महाबैठक से पहले प्रशासन का कड़ा कदम; उल्लंघन करने वालों पर होगी सीधी जेल
पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई खूनी झड़प के बाद बिगड़ते सामाजिक माहौल और लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने पूरे रामपुर गांव में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती सीआरपीसी की धारा 144) तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है।
सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) सुलोचना मीणा ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए 3 जून से 30 जून 2026 तक पूरे गांव में निषेधाज्ञा प्रभावी रहने की घोषणा की है।
23 मई का वो खूनी खेल: 1 की मौत, 17 नामजद और 25 अज्ञात पर केस
ज्ञात हो कि बीते 23 मई को रामपुर गांव में एक कीमती जमीन के टुकड़े को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प और अंधाधुंध गोलीबारी हुई थी। इस वारदात में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस दुस्साहसिक मामले को लेकर चैनपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 17 नामजद व 25 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ चैनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि, इस घटना के बाद से ही गांव के भीतर दोनों पक्षों के बीच अंदरूनी और जातीय तनाव लगातार सुलग रहा है।
खुफिया रिपोर्ट में खुलासा— 5 जून को जुटने वाले थे 700 लोग, सोशल मीडिया पर वार-पलटवार
चैनपुर थाना प्रभारी लालजी द्वारा अनुमंडल दंडाधिकारी को सौंपे गए आधिकारिक प्रतिवेदन (रिपोर्ट) में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
जातीय लामबंदी: रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद से दोनों पक्ष अंदर ही अंदर जातीय आधार पर गुप्त बैठकें कर रहे हैं।
डिजिटल प्रोपेगैंडा: व्हाट्सएप, फेसबुक और एक्स (ट्विटर) जैसे डिजिटल माध्यमों से एक-दूसरे के खिलाफ भड़काऊ माहौल बनाने और अफवाहें फैलाने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है।
5 जून की महाबैठक पर ब्रेक: पुलिस को पुख्ता खुफिया इनपुट मिला है कि 5 जून को एक पक्ष की ओर से गांव में एक बहुत बड़ी जातीय महाबैठक बुलाने की तैयारी है, जिसमें करीब 500 से 700 लोगों के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में किसी भी प्रकार के बड़े सांप्रदायिक या जातीय दंगे की आशंका से इनकार नहीं किया है और समय रहते प्रतिबंध लगा दिया।
निषेधाज्ञा के तहत जारी कड़े निर्देश: क्या खुला रहेगा और क्या रहेगा बंद?
रामपुर गांव की सीमाओं को सील कर पुलिस ने फ्लैग मार्च शुरू कर दिया है। जारी आदेश के तहत निम्नलिखित पाबंदियां 30 जून तक लागू रहेंगी:
एकत्र होने पर रोक: रामपुर गांव के भीतर पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर जुटने (मजमा लगाने) और किसी भी प्रकार का जुलूस, रैली या विरोध प्रदर्शन निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
हथियारों पर रोक: क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति द्वारा लाठी, डंडा, घातक हथियार, तेज धारदार औजार और अग्नेयास्त्र (लाइसेंसी बंदूकें भी) लेकर चलने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
सोशल मीडिया पर नजर: व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स सहित अन्य सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ, सांप्रदायिक, जातिसूचक या अफवाह फैलाने वाले संदेश, ऑडियो और वीडियो साझा करने वालों पर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।
साउंड सिस्टम पर बैन: रात के 10:00 बजे से लेकर सुबह के 08:00 बजे तक किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों (डीजे और लाउडस्पीकर) के प्रयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी।
इन कार्यों को मिलेगी विशेष छूट
प्रशासन ने आम नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में प्रतिनियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों, ऑन-ड्यूटी पुलिस बल, शवयात्रा (अंतिम संस्कार) और पूर्व निर्धारित विवाह समारोहों को इस निषेधाज्ञा आदेश से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।
अफवाहों पर न दें ध्यान, सौहार्द बनाए रखें: प्रशासन
सदर एसडीएम और पुलिस ने संयुक्त रूप से रामपुर के ग्रामीणों से भावुक व कड़ा संदेश देते हुए अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक सोशल मीडिया अफवाहों पर कतई ध्यान न दें। कानून को अपने हाथ में लेने का प्रयास करने वाले तत्वों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। वर्तमान में गांव में अतिरिक्त सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती कर 24 घंटे निगरानी बढ़ा दी गई है और पूरे हालात पर जिले के आला अधिकारी पैनी नजर रख रहे हैं।




















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