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खोया एक अनमोल रत्न: इटखोरी के वयोवृद्ध समाजसेवी का 95 वर्ष की आयु में निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

On: June 3, 2026 9:06 PM
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कंजिया स्थित मुक्तिधाम में हुआ अंतिम संस्कार, छोटे पुत्र ने दी मुखाग्नि; पूर्व प्रखंड प्रमुख के थे ससुर

न्यूज स्केल लाइव

इटखोरी (चतरा): चतरा जिले के सामाजिक, राजनीतिक और व्यावसायिक जगत में अपनी एक विशिष्ट व अमिट पहचान रखने वाले इटखोरी प्रखंड के कंजिया गांव निवासी वयोवृद्ध समाजसेवी रामभरोषा सिंह का बुधवार को उनके पैतृक आवास पर निधन हो गया। वे 95 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और स्थानीय माध्यमों से पूरे क्षेत्र में फैली, चतरा सहित आसपास के जिलों में गहरे शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनके आवास पर पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

परिश्रम और सादगी की मिसाल: साधारण किसान परिवार से तय किया सम्मानित सफर

दिवंगत रामभरोषा सिंह का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है। ग्रामीणों ने बताया कि एक बेहद साधारण किसान परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने अपने कठिन परिश्रम, ईमानदारी और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर न केवल अपने परिवार को एक नई दिशा दी, बल्कि समाज में भी एक बेहद सम्मानित और गौरवमयी पहचान स्थापित की। उनका पूरा व्यक्तित्व हमेशा सादगी, विनम्रता, परोपकार और समाज सेवा के प्रति समर्पण के लिए जाना जाता था। क्षेत्र के हर छोटे-बड़े सामाजिक कार्यों में उनकी सलाह और उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती थी।

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भरा-पूरा और प्रतिष्ठित है परिवार, बहू रह चुकी हैं प्रखंड प्रमुख

स्वर्गीय रामभरोषा सिंह अपने पीछे पुत्रों, पौत्रों और प्रपौत्रों से भरा-पूरा और समाज में अत्यंत प्रतिष्ठित परिवार छोड़ गए हैं। उनके संस्कार और मार्गदर्शन का ही असर है कि उनका परिवार आज चतरा जिले के शीर्ष परिवारों में गिना जाता है:

  • व्यवसायिक जगत में बेटों का दबदबा: उनके पांच पुत्र— शिवकुमार सिंह, अभय सिंह, रंजीत सिंह, योगेंद्र सिंह और विकास सिंह आज व्यावसायिक और व्यापारिक जगत में चतरा जिले में अपनी एक अलग और बड़ी पहचान रखते हैं। व्यावसायिक व्यस्तताओं के बीच भी ये सभी भाई सामाजिक और राजनीतिक कार्यों में हमेशा बढ़-चढ़कर अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

  • बहू ने की राजनीतिक सेवा: परिवार की बहू ऋषि बाला सिंह इटखोरी प्रखंड की प्रमुख (प्रखंड प्रमुख) के रूप में भी क्षेत्र की जनता की लंबी और सराहनीय सेवा कर चुकी हैं।

कंजिया मुक्तिधाम में हुआ अंतिम संस्कार, नम आंखों से दी गई विदाई

समाजसेवी स्वर्गीय रामभरोषा सिंह का अंतिम संस्कार बुधवार अपराह्न 04:00 बजे उनके पैतृक गांव कंजिया स्थित मुक्तिधाम में पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में जिला परिषद सदस्यों, विभिन्न पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्यों, स्थानीय व्यापारियों और भारी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।

मुक्तिधाम में उन्हें मुख्यअग्नि (मुखाग्नि) उनके सबसे छोटे पुत्र सह स्थानीय मुखिया विकास सिंह ने दी। अंतिम संस्कार के समय उपस्थित हर आंख नम थी और लोग उनके द्वारा समाज हित में किए गए कार्यों को याद कर उन्हें नमन कर रहे थे। ‘न्यूज स्केल लाइव’ परिवार भी ईश्वर से दिवंगत पुण्य आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता है।

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