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₹55 लाख के स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण में भारी खेल: घटिया ईंट और मिट्टी वाले बालू से खड़ी हो रही दीवारें, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

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स्कूल के पास संवेदक के काम पर उठे गंभीर सवाल; निर्माण स्थल से एस्टीमेट बोर्ड गायब, जिला परिषद जेई बोले— गड़बड़ी है तो कराएंगे सुधार

न्यूज स्केल लाइव

कुंदा (चतरा): चतरा जिले के सुदूरवर्ती कुंदा प्रखंड अंतर्गत कुटिल स्कूल के समीप जिला परिषद विभाग द्वारा बनवाए जा रहे उप स्वास्थ्य उपकेंद्र (Sub-Health Centre) के निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। लगभग 55 लाख रुपये की भारी-भरकम प्राक्कलित राशि (लागत) से बन रहे इस जनहित के महत्वपूर्ण भवन का निर्माण कार्य संवेदक (ठेकेदार) प्रदीप साव द्वारा कराया जा रहा है।

भवन की शुरुआत में ही बरती जा रही कछुआ गति और घटिया कार्यशैली को देखकर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने काम में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है।

नींव में कम सीमेंट और मिट्टी युक्त बालू का खेल, मानकों की उड़ी धज्जियां

स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने निर्माण स्थल पर एकत्र होकर कार्य में प्रयुक्त हो रही सामग्रियों की पोल खोली। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि:

  • सामग्री की खराब गुणवत्ता: उप स्वास्थ्य केंद्र की नींव और दीवारों के निर्माण में बेहद घटिया दर्जे की ईंटों और बिना छनी हुई मिट्टी युक्त लाल बालू का धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है।

  • सीमेंट की भारी चोरी: मसाले के मिश्रण में तय तकनीकी मानक को दरकिनार कर सीमेंट की भारी कटौती की जा रही है, जिससे भवन के पिलर और बेस की मजबूती भगवान भरोसे है।

  • लापता है सूचना पट्ट (Board): सरकारी नियमों के विपरीत निर्माण स्थल पर न तो योजना का कोई विवरण/एस्टीमेट बोर्ड लगाया गया है और न ही विभाग के कनीय अभियंता (JE) नियमित रूप से साइट पर आकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। संवेदक अपनी मनमर्जी से जैसे-तैसे काम खींचने में जुटा है।

मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रही व्यवस्था: ग्रामीण

आक्रोशित ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य केंद्र जैसी अति आवश्यक और संवेदनशील सरकारी इमारत में इस तरह की घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल सीधे तौर पर भविष्य में यहां आने वाले गरीब मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की जान से खिलवाड़ करना है। यदि समय रहते इस पर तकनीकी जांच नहीं बैठी, तो यह भवन बनने के साथ ही कभी भी जमींदोज हो सकता है।

ग्रामीणों ने चतरा जिला परिषद और स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से इस पूरे घोटाले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच (Quality Audit) कराने तथा मानक का उल्लंघन करने वाले दोषी संवेदक प्रदीप साव को ब्लैकलिस्टेड करते हुए कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।

गड़बड़ी है तो दोबारा बात कर सुधार कराया जाएगा: जेई

इस पूरे मामले और ग्रामीणों के भारी विरोध के संदर्भ में जब ‘न्यूज स्केल लाइव’ ने जिला परिषद के संबंधित कनीय अभियंता (JE) धनंजय ओझा से संपर्क किया, तो उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा: “विभाग की ओर से ठेकेदार को पूरी गुणवत्ता और एस्टीमेट के आधार पर ही कार्य करने का सख्त निर्देश दिया गया है। हमारी नजर में कार्य ठीक हो रहा है, फिर भी यदि स्थानीय ग्रामीणों को लगता है कि निर्माण में कहीं कोई तकनीकी त्रुटि या सामग्री में गड़बड़ी है, तो मैं स्वयं साइट का मुआयना करूँगा। पुनः संवेदक से कड़े लहजे में बात कर जहां भी कमी पायी जाएगी, वहां अविलंब सुधार सुनिश्चित कराया जाएगा।”

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