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मवेशी बाजार में हाई-वोल्टेज ड्रामा: शादी के लिए पाले गए ₹40 हजार के तीन चोरी के बकरे संग तस्कर रंगे हाथ गिरफ्तार

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बाजार में बेचने की फिराक में था इरफान, असली मालिक ने पहचान कर पुलिस को सौंपा

न्यूज स्केल लाइव

लोहरदगा/भंडरा: लोहरदगा जिले के भंडरा साप्ताहिक मवेशी बाजार में मंगलवार को उस समय भारी अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब चोरी के तीन खस्सी (बकरे) बेच रहे एक शातिर युवक को ग्रामीणों और असली मालिक ने रंगे हाथ धर दबोचा। आरोपी युवक पहले तो खुद को मवेशियों का असली मालिक बताकर बाजार में जमकर नाटक करता रहा, लेकिन ग्रामीणों के कड़े रुख और भंडरा पुलिस की कड़ाई के आगे उसकी पोल खुल गई।

शादी की पार्टी के लिए रखे थे खस्सी, रात में गौशाला का ताला तोड़ उड़ा ले गए चोर

भुक्तभोगी परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला रांची जिले के चान्हो थाना क्षेत्र अंतर्गत शिलागाई डोंगाटोली गांव का है।

  • घर में थी शादी की तैयारी: गांव के निवासी सूरज उरांव के घर में शादी का कार्यक्रम चल रहा है। उन्होंने शादी में आने वाले मेहमानों के स्वागत और भोज (पार्टी) के लिए तीन विशेष और तंदुरुस्त खस्सी पाल रखे थे, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 40 हजार रुपये बताई जा रही है।

  • रात में हुई चोरी: सोमवार की रात अज्ञात चोरों ने सूरज उरांव के गौशाला का ताला तोड़कर तीनों खस्सियों को पार कर दिया था। सुबह जब परिवार को चोरी की भनक लगी, तो शादी की खुशियां काफूर हो गईं और पीड़ित ग्रामीणों के साथ आसपास के इलाकों में खोजबीन में जुट गए।

बाजार में चल रहा था बेचने का खेल, असली मालिक ने मौके पर दबोचा

खोजबीन के दौरान ही सूरज उरांव को गुप्त सूचना मिली कि भंडरा मवेशी बाजार में कोई संदिग्ध युवक ठीक उसी हुलिए के तीन खस्सी बेचने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही सूरज उरांव तुरंत चान्हो के ग्रामीणों के साथ भंडरा बाजार पहुंचे और वहां अपने मवेशियों को देखते ही पहचान लिया।

मवेशी बेच रहे युवक की पहचान रांची के बेड़ो थाना क्षेत्र अंतर्गत करंजी गांव निवासी इरफान अंसारी के रूप में हुई। ग्रामीणों ने जब उसे पकड़ा, तो वह उलटे ग्रामीणों से ही उलझ गया और खुद को असली मालिक बताकर बहस करने लगा, जिसे देखने के लिए बाजार में सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।

पुलिस को देखते ही बदला बयान— ‘मैं चोर नहीं, मैंने तो खरीदा है’

बाजार में बढ़ते हंगामे की सूचना मिलते ही भंडरा थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। खाकी वर्दी को सामने देखते ही आरोपी इरफान अंसारी के तेवर ढीले पड़ गए और उसने तुरंत अपना बयान बदल दिया।

उसने पुलिस के समक्ष नया पैंतरा चलते हुए दावा किया कि वह खुद चोर नहीं है, बल्कि उसने ये तीनों खस्सी किसी अन्य अज्ञात व्यक्ति से रास्ते में खरीदे थे और यहाँ मुनाफे के लिए बेचने लाया था। हालांकि, पुलिस ने उसकी एक न सुनी और उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया और पहचान की पुष्टि के बाद तीनों खस्सी असली मालिक सूरज उरांव को सौंप दिए।

वक्त पर मवेशी मिल गए, वरना शादी का मजा किरकिरा हो जाता: सूरज उरांव

मवेशी वापस मिलने पर राहत की सांस लेते हुए मालिक सूरज उरांव ने कहा— “घर में शादी का माहौल है और मेहमानों के विशेष स्वागत के लिए ही हमने इन्हें बड़े लाड-प्यार से पाला था। रात में जब चोरी हुई तो हम सब गहरे सदमे और परेशानी में आ गए थे, लेकिन शुक्र है कि भंडरा बाजार में समय रहते हमारे मवेशी मिल गए और पुलिस ने हमारी मदद की।”

असली चोर गिरोह की तलाश में जुटी भंडरा पुलिस

भंडरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मवेशियों को बरामद कर मालिक को सुरक्षित सौंप दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी इरफान अंसारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इरफान ने ये खस्सी चान्हो के किस चोर से खरीदे थे। इस मवेशी चोर गिरोह (कैटल लिफ्टिंग सिंडिकेट) के बैकवर्ड लिंकेज को खंगाला जा रहा है ताकि चान्हो, बेड़ो और भंडरा क्षेत्र में सक्रिय मुख्य चोरों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

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