असहनीय दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना; मजिस्ट्रेट, इंस्पेक्टर और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में तोड़ा गया ताला, बाहर से लॉक था कमरा
गढ़वा जिले के केतार थाना क्षेत्र अंतर्गत परती गांव में मंगलवार की अहले सुबह उस समय हड़कंप और सनसनी फैल गई, जब एक बंद पक्के मकान से असहनीय सड़ांध और तेज दुर्गंध आने लगी। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर दल-बल के साथ पहुंची पुलिस ने दंडाधिकारी और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में जब मुख्य दरवाजे का ताला तुड़वाया, तो अंदर का खौफनाक नजारा देख अधिकारियों समेत पूरे ग्रामीणों के होश उड़ गए। बंद कमरे के फर्श पर एक 17 वर्षीय नाबालिग युवती का क्षत-विक्षत और सड़ चुका शव पड़ा हुआ था। मृतका की पहचान स्थानीय निवासी निर्मल सिंह की पुत्री आकृति कुमारी (17 वर्ष) के रूप में की गई है। शव की स्थिति को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि मौत दो से तीन दिन पहले ही हो चुकी है।
तेज बदबू आने पर थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा; मजिस्ट्रेट की टीम पहुंची
घटना के संबंध में बताया जाता है कि मंगलवार सुबह ग्रामीणों को निर्मल सिंह के बंद पड़े पक्के मकान से भारी बदबू महसूस हुई। संदेह होने पर ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना केतार थाना प्रभारी अरुण कुमार रवानी को दी। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने तुरंत उच्चाधिकारियों को पूरे इनपुट से अवगत कराया। इसके बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर दंडाधिकारी-सह-बीडीओ प्रशांत कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर गुलाब सिंह और सीडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर को अपने घेरे में ले लिया।
यूपी से भाई को बुलाया गया; फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की देखरेख में टूटा ताला
पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची, तो घर पर कोई भी परिजन मौजूद नहीं था और मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लटका हुआ था। काफी तकनीकी प्रयास के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कोन थाना क्षेत्र (ससुराल) में रह रहे मृतका के भाई अविनाश सिंह (पिता- निर्मल सिंह) से संपर्क स्थापित किया और उसे तत्काल मौके पर बुलाया।
इसके बाद गढ़वा जिला मुख्यालय से विशेष रूप से बुलाई गई फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की साइंटिफिक टीम और दंडाधिकारी प्रशांत कुमार की अनिवार्य उपस्थिति में मुख्य दरवाजे का ताला कटर से काटा/तोड़ा गया। जैसे ही टीम भीतर दाखिल हुई, कमरे के फर्श पर आकृति कुमारी का शव बरामद हुआ। पुलिस ने फिंगरप्रिंट्स और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया है।
राजस्थान से लौटा था पिता, घटना के बाद से मोबाइल स्विच ऑफ; गहराया शक
जानकारी के अनुसार, मृतका के पिता निर्मल सिंह राजस्थान में रहकर मजदूरी का काम करते हैं और कभी-कभार ही अपने पैतृक गांव आते थे। उनकी मां या अन्य सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण उनकी बेटी आकृति घर में अकेली ही रहती थी।
ग्रामीणों ने पुलिस को अनुसंधान के दौरान एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली जानकारी दी है। ग्रामीणों के मुताबिक, ठीक दो दिन पहले ही निर्मल सिंह को गांव में देखा गया था, वे राजस्थान से अपने घर लौटे थे। लेकिन इस खौफनाक घटना के आधिकारिक रूप से सामने आने के बाद से ही पिता निर्मल सिंह अचानक गांव से गायब हैं और उनका मोबाइल नंबर लगातार स्विच ऑफ (Switch Off) आ रहा है। पिता के इस तरह अचानक लापता होने और मोबाइल बंद कर लेने से पुलिस की सुई सीधे उन पर टिक गई है और शक गहरा गया है।
बाहर से बंद था ताला; ऑनर किलिंग के बिंदु पर पुलिस का कड़ा अनुसंधान
केतार पुलिस और अनुसंधान दल का कहना है कि पहली नजर में ही यह स्पष्ट रूप से सोची-समझी हत्या (Murder) का मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि यदि युवती ने किसी अवसाद में आकर आत्महत्या की होती या उसकी स्वाभाविक मौत हुई होती, तो कमरे के मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला कौन मारता?
इस शातिर चालाकी से साफ है कि वारदात को अंजाम देने के बाद कातिल ने साक्ष्यों को छिपाने और बदबू फैलने तक का समय पाने के लिए बाहर से ताला जड़ दिया था। पुलिस इस सनसनीखेज मामले में ‘ऑनर किलिंग’ (Honour Killing/झूठी शान के लिए हत्या) के बिंदु को बेहद मजबूती से केंद्र में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और फिंगरप्रिंट्स की वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का सटीक खुलासा हो सकेगा। फिलहाल फरार संदिग्धों और पिता की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी कर रही हैं।






















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