झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने असम के सरूपथर में चुनावी सभा के दौरान हजारीबाग के चर्चित विष्णुगढ़ कांड को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि रामनवमी से ठीक पहले इतनी बड़ी घटना होना बेहद चिंताजनक है और इससे “कुछ लोगों का असली चेहरा सामने आ गया है।” सीएम ने आरोप लगाया कि मासूम बच्ची की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी का संबंध बीजेपी से था। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति पहले मीडिया के सामने आकर “न्याय दो, फांसी दो” की मांग कर रहा था, वही बाद में इस जघन्य अपराध में शामिल निकला।
विष्णुगढ़ कांड का पूरा मामला
झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुंभा गांव में 24 मार्च की रात एक नाबालिग बच्ची का अपहरण कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। बच्ची का शव अगले दिन खेत में बरामद हुआ, जिससे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। शुरुआती जांच में दुष्कर्म की आशंका जताई गई थी, लेकिन बाद में पुलिस जांच में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के तहत बलि देने की बात सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया और मुख्य आरोपी भीम राम को गिरफ्तार किया गया।

सियासी रंग में रंगा मामला
गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ कि आरोपी पहले विरोध प्रदर्शन में सक्रिय था और बीजेपी नेताओं के साथ नजर आ रहा था। इस खुलासे के बाद मामला पूरी तरह राजनीतिक हो गया है। जहां विपक्षी बीजेपी ने शुरुआत में कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला और हजारीबाग बंद व मशाल जुलूस निकाले, वहीं अब सत्तापक्ष इस मामले को लेकर पलटवार कर रहा है।
चुनावी रणनीति और संदेश
सरूपथर विधानसभा सीट से जेएमएम उम्मीदवार साहिल मुंडा चुनाव मैदान में हैं। पार्टी का फोकस असम के चाय बागान श्रमिकों और झारखंड मूल के आदिवासी समुदाय तक पहुंच बनाना है। सीएम हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में विकास, सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए मतदाताओं से समर्थन की अपील की। विष्णुगढ़ कांड को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मुद्दा अब चुनावी बहस का केंद्र बन गया है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।





















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