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वक्फ बील का समर्थन करना इन तीन दलों को पड़गया भारी, नेता छोड़ रहे पार्टी…

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लोकसभा व राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पास तो हो गया है। संसद में विधेयक का नीतीश कुमार की जेडीयू, जयंत चौधरी की आरएलडभ् और चिराग पासवान की लोजप ने समर्थन किया है। वहीं बिल के समर्थन करने से उक्त पार्टी के मुस्लिम नेता नाराज होकर एक के बाद एक पार्टी छोड़ रहे हैं। हुआ यह की संसद में वक्फ बिल का समर्थन करना इन दलों को अब भारी पड़ रहा है।

6 नेताओं ने जनदा दल यू से दिया इस्तीफा

वक्फ संशोधन बिल 2024 के समर्थन करने को लेकर नीतीश कुमार की जेडीयू में चल रहा उथल-पुथल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अबतक 6 मुस्लिम नेता मोहम्मद कासिम अंसारी, मोहम्मद शाहनवाज मलिक, नदीम अख्तर, तबरेज सिद्दीकी और राजू नैयर और नवादा के जिला सचिव मोहम्मद फिरोज खान ने पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं।
इससे पहले रमजान के महीने में वक्फ बिल के सपोर्ट करने पर सीएम नीतीश कुमार और चिराग पासवान के इफ्तार पार्टी का मुस्लिम संगठनों ने विरोध किया था। यह पहला मौका था जब मुसलमानों ने नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी का बायकॉट किया था।

आरएलडी में भी इस्तीफों का दौर जारी

वक्फ संशोधन बिल 2024 के समर्थन करने पर जयंत चौधरी की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल में भी बगावत जारी है। रालोद के प्रदेश महासचिव शाहजेब रिजवी ने पद से इस्तीफा देते हुए पार्टी छोड़ी। हापुड़ के मोहम्मद जकी ने भी नाराजगी जताते हुए रालोद से इस्तीफा दे दिया है।

लोजपा में भी इस्तीफा का दौर प्रारंभ

वक्फ संशोधन बिल के समर्थन करने पर जेडीयू व रालोद के साथ चिराग पासवान की लोजपा से भी मुस्लिम नेता इस्तीफा दे रहे हैं। लोजपा रामविलास अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अली आलम ने पार्टी छोड़ दी है। उनकी पार्टी ने सदन में इसका समर्थन किया। इस लिए पार्टी छोड़ रहे हैं।

नेताओं के इस्तीफे ने बिहार चुनाव से पहले नीतीश-चिराग की बढ़ाई टेंशन

बिहार में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में चुनाव से पहले जेडीयू से मुस्लिम नेताओं का इस्तीफा देना नीतीश कुमार के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। वहीं चिराग पासवान की पार्टी से भी मुस्लिम नेता इस्तीफे से टेंशन बढ़ेगी। ज्ञात हो कि बिहार में मुसलमानों की आबादी लगभग18 प्रतिशत है। ऐसे में राजनीति तौर पर यह एक बड़ा वोट बैंक है।

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