चतरा। समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त रमेश घोलप के द्वारा प्राकृतिक आपदा प्रबंधन अंतर्गत विभिन्न घटनाओं में मृत कुल 114 के आश्रितों के बीच मुआवजा भुगतान हेतु स्वीकृति पत्र का वितरण किया गया। बज्रपात से मृत 33 पशुओं के कुल 19 लाभुकों को 1075000 रुपया, बज्रपात से मृत 7 व्यक्तियों के आश्रितों के बीच 28 लाख, सड़क दुर्घटना के 27 मृत्य व्यक्ति के आश्रितों को 27 लाख, सर्पदंश से मृत 3 व्यक्तियों के आश्रितों के बीच 12 लाख, अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त पूर्ण/अपूर्ण कच्चा मकानों की मरम्मती पुर्ननिर्माण हेतु 47 लाभुकों के बीच 818000 रुपया, अग्निकांड से क्षतिग्रस्त पूर्ण/अपूर्ण कच्चा मकानों की मरम्मती एवं पुर्ननिर्माण हेतु 5 लाभुकों के बीच 524000 रुपया, अग्निकांड से मृत 2 पशुओं के 1 लाभुकों के बीच 72000 रुपया मुआवजा भुगतान हेतु स्वीकृति पत्र का वितरण किया गया। वहीं प्रतापपुर प्रखंड के हिंदिया कला गांव में उग्रवादी हिंसा में मारे गए दो व्यक्ति के आश्रितों को 2 लाख, लावालौंग प्रखंड के लावालौंग अंतर्गत उग्रवादी हिंसा में मृत के आश्रित को 1 लाख, टंडवा प्रखंड के ग्राम कोईलड़ा उग्रवादी हिंसा में मृत के आश्रितों को 1 लाख कुल 4 लाख और प्रतापपुर प्रखंड के भरही ग्राम के जेल में 1 मृत व्यक्ति के आश्रितों के बीच मानवाधिकार के तहत 5 लाख रुपया का मुआवजा भुगतान हेतु स्वीकृति पत्र का वितरण किया गया। एक सप्ताह के अंदर कुल 1 करोड़ 89 हजार रुपया लाभुकों के खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी। बताते चले कि पूर्व में वज्रपात से हुए 5 व्यक्ति के मृत्यु के आश्रितों के खाते में कुल 20 लाख रुपया हस्तांतरित की जा चुकी है। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है तथा अगर किन्हीं के यहांआपदा से संबंधित कोई घटना घटी है तो अपने अंचल में संपर्क कर आवेदन दे। हर संभव जिला प्रशासन द्वारा सहायता की जाएगी। आगे उन्होंने कहा किसी भी तरह के बिचौलियों के चक्कर में ना पड़े, अगर कोई बिचौलियों के द्वारा गुमराह या ठगने का प्रयास किया जाता है तो अविलम्ब इसकी जानकारी जिला प्रशासन के अधिकारियों को दें। बिचौलियों के ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वीकृति पत्र वितरण समारोह कार्यक्रम के दौरान अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शकील अहमद, जिला नियोजन पदाधिकारी मन्नू कुमार आदि उपस्थित थे।