सिमरिया (चतरा)। भव्य एवं पारंपरिक रुप से गुरूवार को सिमरिया प्रखंड के बगरा में श्री मद् भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। यज्ञकर्ता छत्रबली शर्मा के नेतृत्व में कलश यात्रा कथा आयोजन स्थल से प्रारंभ हुई, जो गांव का भ्रमण करते हुए केशोबहीया नदी घाट पहुंची, जहां कलश में जल भर कर पुनः कलशधारी कथा आयोजन स्थल पहुंचकर मंत्रोच्चारण के साथ कलशों को स्थापित किया। इस अवसर पर पुरोहित ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सर्वप्रथम इसकी महिमा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विश्व में सभी कथाओं में ये श्रेष्ठ मानी गई है। जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है, वो तीर्थ स्थल कहलाता है। इसका सुनने एवं आयोजन कराने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियों को ही मिलता है। ऐसे में अगर कोई दूसरा अन्य भी इसे गलती से भी श्रवण कर लेता है, तो भी वो कई पापों से मुक्ति पा लेता है। इसलिए सात दिन तक चलने वाले इस पवित्र कथा को श्रवण करके अपने जीवन को सुधारने का मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। अगर कोई सात दिन तक किसी व्यवस्तता के कारण नहीं सुन सकता है, तो वह दो तीन या चार दिन ही इसे सुनने के लिए अपना समय अवश्य निकालें। श्री शर्मा ने बताया कि इस कथा को सबसे पहले अभिमन्यु के बेटे राजा परीक्षित ने सुना था, जिसके प्रभाव से उसके अंदर तक्षक नामक नाग के काटने से होने वाली मृत्य़ु का भय दूर हुआ और उसने मोक्ष को प्राप्त किया था। आयोजक दल के चौधरी जनार्दन प्रसाद सिंह ने बताया की यह सात दिवसीय कथा 12 मार्च तक चलेगा अंतिम दिन हवन विसर्जन के साथ प्रसाद वितरण एवं भण्डारा का आयोजन किया जाएगा। अयोध्या से महान कथावाचक सुमन जी महाराज एवं डॉ. अरून कुमार शास्त्री का आगमन हो रहा है। मौके पर नरेश सिंह, कैप्टन दिलीप कुमार सिंह, प्रभात कुमार सिंह, परमानंद कुमार सिंह, कामाख्या नारायण सिंह, प्रहलाद सिंह, सुनील कुमार, विनोद कुमार सिंह, विजेंद्र कुमार सिंह, अजय कुमार आदि शामिल थे।