न्यूज स्केल संवाददाता
टंडवा ( चतरा)। शुक्रवार दोपहर को टंडवा प्रखंड मुख्यालय में स्थापित एनटीपीसी ईकाई में आग लगने के बाद भयानक आग की लपटें व काले धूएं के जहरीले गुबारे देखते हीं देखते पूरे क्षेत्र में फैल गए। जिससे लोगों में घंटों उहापोह की स्थिति बनी रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्लांट के अंदर भेल कंपनी के 7 नंबर यार्ड में रखे केबलों व अन्य चीजों में लगी आग तेज़ी से फैलने लगी। जिसकी सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने लगभग दो घंटे तक आग बुझाने में जोरदार मशक्कत करती रही। जिसके बाद में जिले से अन्य दो दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में लगे रहे। समाचार लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका था। देखते हीं देखते फैले आग व धूएं के भयानक गुबार से प्लांट के अंदर व आसपास रहने वाले ग्रामीणों के बीच काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। आगलगी की घटना को लेकर जहां लोग जानने के लिए उत्सुक थे। वहीं इस बावत कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज़ करते रहे।
सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर लोगों द्वारा उच्चस्तरीय जांच की मांग
हजारों करोड़ रुपए की लागत से बनी टंडवा की एनटीपीसी परियोजना के अंदर आगलगी की घटना से आसपास रहने वाले ग्रामीण भयाक्रांत हैं। परियोजना से सटे गांवों में रहने के कारण ग्रामीणों को तेजी से हवा के झोंको के साथ पहुंचे ज़हरीले धूऐं का गुबार से उन्हें सांस लेने में मशक्कत होने लगी। बता दें, पूर्व में 21 जनवरी 2021 को प्लांट के अंदर हीं आग लगने से करोड़ों रुपए की क्षति होने का अनुमान लगाया गया।जबकि, पिछले हीं दिनों 29 मार्च 2024 के देर शाम टीपी साइट के कन्वेयर बेल्ट में आग लगने से लगभग 15-20 फीट बेल्ट जलकर राख हो गया था। बताया जाता है कि सुरक्षा मानकों की लापरवाही को दरकिनार करना प्रबंधन व ग्रामीणों को भारी पड़ सकता है। घटना के पीछे संयोग है या साजिश इसकी उच्चस्तरीय स्तरीय जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग अब होने लगी है। प्रबंधन की ओर से इस मामले में एक आधिकारिक बयान भी जारी करने की सूचना दी गई।



















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