न्यूज स्केल संवाददाता
मयूरहंड(चतरा)। जिले में सड़क, भवन एवं अन्य विकास कार्य योजनाओं के लिए संबंधित विभाग द्वारा टेंडर आमंत्रित की जाती है। जिसमें क्रियान्वयन एजेंसी व ठेकेदारों ने योजनाओं के प्राक्कलन राशि से 30 से 40 प्रतिशत लेस टेंडर डाल कार्य हथियाने में महारत हासिल कर रहे हैं। जिसके कारण निर्माण कार्यों के गुणवता में गिरावट हो रही है या कार्य आधा अधूरा छोड़ संवेदक फरार हो रहे हैं।जिससे सरकारी पैसा का दुरुपयोग होने के साथ आम जन मानस को परेशानी झेलनी पड रही है।नाम उजागर नहीं करने के शर्त पर पुराने संवेदकों ने बताया की पहले संबंधित विभाग द्वारा प्राक्कलन राशि से 10 प्रतिशत अधिक टेंडर डालने वाले ठेकेदारों का टेंडर केंसिल कर दी जाती थी पर आज संबंधित विभाग के अधिकारीयों द्वारा सबसे ज्यादा गिरावट करने वाले ठेकेदारों को टेंडर दे दी जा रही है।उदाहरण स्वरूप एक सौ रुपये की लागत से बनने वाली सड़क को 60 रुपये में बनाने वाले को दे दी जा रही है ,तो स्वभाविक है गुणवत्ता से खिलवाड़ होना। क्षेत्र में आज लेस टेंडर के कारण दर्जनो ऐसे सड़क जो निर्माण होने के एक माह के अंदर जर्जर हो चुका है।जिसे जनता जनार्दन को झेलने के लिए मजबूर होना पड रहा है।
प्राक्कलन राशि से लेस टेंडर प्रक्रिया से गुणवत्ता में हो रहा गिरावट

By newsscale
On: March 15, 2024 11:20 PM

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