विभाग द्वारा एक जलमीनार निर्माण में 5 से 6 लाख रुपए किया गया खर्च, दोनो पंचायत में कुल 48 बनाए गए है जलमीनार
न्यूज स्केल संवाददाता संतोष कुमार निराला
गिद्धौर(चतरा): संतोष कुमार निराला। विभागीय लापरवाही के कारण गिद्धौर प्रखंड के द्वारी व मंझगावां पंचायत में केंद्र घर-घर नलजल योजना फ्लॉप साबित हो रहा है। उपरोक्त दोनों गांव में करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा दर्जनों सोलर आधारित जलमीनार का निर्माण किया गया है। साथ ही साथ घर-घर नल जल का कनेक्शन दिया गया है। परंतु अधिकतर जलमीनार बेकार हैं। जबकि संवेदक द्वारा ग्रामीणों को आधा अधूरा कनेक्शन दिया गया है। कई कनेक्शन में संवेदक द्वारा न तो नल लगाई गई है और न ही जमीन बनाया गया है। यहां तक की कागजी प्रक्रिया में पेयजल आपूर्ति शुरू बताई गई है। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि करीब छह से सात महीनो से पेयजलापूर्ति बंद है। ग्रामीणों की माने तो जल मीनार निर्माण के साथ कनेक्शन दिए जाने में संवेदक द्वारा घोर अनियमित बरती गई है।


शिकायत करने के बावजूद भी इसे दुरुस्त नहीं किया गया। ऐसे में करोड़ों खर्च के बाबजूद द्वारी व मंझगांवा पंचायत के ग्रामीण शुद्ध पेयजल से वंचित हो रहे हैं। मिला जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा एक जलमीनार निर्माण में पांच से छह लाख रुपए खर्च किए गए हैं। बताया गया कि द्वारी पंचायत में लगाभा 28 व मंझगांवा पंचायत के तरीघटेरी में 20 जल मीनार का निर्माण किया गया है। द्वारी के अशोक रवानी, बबलू प्रजापति, अनिल यादव, तसलीम अंसारी आदि ग्रामीणों ने बताया कि एक जल मीनार से करीब 25 से 35 घरों को कनेक्शन दिया गया है। परंतु पिछले सात आठ माह से पेजला आपूर्ति बंद है। इसकी शिकायत करने के बावजूद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अब तक कई जल मीनार के समीप संवेदक द्वारा डीप बोरिंग भी नहीं कराई गई है। ग्रामीणों ने उपरोक्त मामले की जांच करते हुए संवेदक के साथ विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में अरविंद कुमार सिंह सहायक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, चतरा द्वारा पुछे जाने पर बताया गया कि जल मीनार खराब होने का मामला संज्ञान में आया है। जिसकी जांच करते हुए दुरुस्त किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।



















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