हजारीबाग। विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि), हजारीबाग के शिक्षा शास्त्र विभाग में गुरुवार को एड्स जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को एचआईवी (HIV) और एड्स से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में एड्स को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना, लोगों को जागरूक करना और एचआईवी संक्रमण से बचाव के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था।
कार्यक्रम के दौरान इंटीग्रेटेड बीएड सेमेस्टर-2 की छात्रा साइना परवीन ने अपने प्रभावशाली और ज्ञानवर्धक वक्तव्य के माध्यम से एचआईवी और एड्स से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एचआईवी और एड्स एक ही चीज नहीं हैं। एचआईवी एक वायरस है, जबकि एड्स संक्रमण की अंतिम अवस्था हो सकती है। समय पर जांच और उचित उपचार से एचआईवी संक्रमित व्यक्ति भी सामान्य जीवन जी सकता है।
साइना परवीन ने एचआईवी संक्रमण के प्रमुख कारणों, इसके फैलने के तरीकों और बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए सुरक्षित व्यवहार, जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय जांच के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने उपलब्ध उपचार सुविधाओं की जानकारी भी दी। साथ ही कहा कि एचआईवी से प्रभावित लोगों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। उनके प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सहयोग का भाव रखना समाज की जिम्मेदारी है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा समाज के अन्य लोगों तक भी सही एवं प्रमाणिक जानकारी पहुंचाएं, ताकि एड्स के प्रति फैली गलत धारणाओं को समाप्त किया जा सके।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. मोहम्मद तनवीर यूनुस, प्रो. मृत्युंजय प्रसाद, डॉ. रजनीश कुमार, डॉ. विनीता बांकिरा, डॉ. अमिता कुमारी, सुश्री शालिनी अवधिया एवं श्रीमती निशा सिन्हा उपस्थित रहीं। शिक्षकों के मार्गदर्शन और देखरेख में आयोजित यह जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।






















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