उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक पंडाल में शनिवार शाम भारी बारिश और भीड़ के कारण मची भगदड़ में 17 की मौके पर मौत, 2 ने बाद में तोड़ा दम; 25 घायल, एक की हालत गंभीर; उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायाधीश की अध्यक्षता में SIT जांच के आदेश
कोलकाता, 18 अक्टूबर 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुए भीषण हादसे में मृतक संख्या बढ़कर 19 हो गई है। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भारी भीड़ और अचानक तेज बारिश के कारण मची भगदड़ में 17 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य ने बाद में दम तोड़ दिया। इस हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को मीडिया को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घायलों में से 24 की हालत स्थिर है, जबकि एक की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कोलकाता पुलिस के अनुसार, यह घटना शनिवार शाम लगभग 19:40 बजे उस समय हुई जब महा सप्तमी के अवसर पर पंडाल में दर्शन करने वालों की भारी भीड़ थी और अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। पुलिस के बयान में कहा गया है कि बारिश के दौरान पंडाल में आने वाले लोगों की भारी भीड़ के कारण निकास द्वार पर भगदड़ मच गई।

राज्य सरकार की ओर से बड़ा मुआवजा
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए बड़े राहत पैकेज की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मृतकों के प्रत्येक परिवार को ₹25 लाख की अनुग्रह राशि और एक सरकारी नौकरी (Group D) प्रदान करेगी। इसके अलावा, प्रत्येक घायल को ₹5 लाख की सहायता दी जाएगी और उनका 100 प्रतिशत इलाज का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह एक दर्दनाक घटना है और अत्यंत हृदय विदारक है। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि 26 अक्टूबर को मिलन मेला में मृतकों और घायलों के परिवारों से मुलाकात की जाएगी और इस त्रासदी से सबक लिया जाएगा।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में SIT जांच
हादसे की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक सेवारत न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया है। इस टीम में विशेष कार्य बल (STF), आपराधिक जांच विभाग (CID) और अन्य विभागों के सदस्य शामिल होंगे। पुलिस ने अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें पूजा आयोजक, निजी सुरक्षा कर्मी और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भीड़ प्रबंधन में लापरवाही के लिए जिम्मेदार कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पूजा समिति का सदस्य हो, होम गार्ड हो, पुलिसकर्मी हो या निजी सुरक्षा गार्ड।
केंद्र सरकार की ओर से सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को “अत्यंत दुखद” बताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि दी जाएगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से बात की और रविवार को अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर घायलों से मिलने अस्पताल जाने की बात कही है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
राज्य सरकार ने घटना से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है। कोलकाता पुलिस ने भी 8003455678 और 03322141310 नंबर जारी किए हैं।

शोक की लहर
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह इस घटना से “गहराई से स्तब्ध और दुखी” हैं और उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। राज्य सरकार ने घटना के बाद आगामी सरकारी समारोहों और कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है। हादसे के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाते हुए कोलकाता की कई अन्य प्रमुख पूजाओं (जैसे ताला प्रत्यय, अलीपुर सार्वजनिक, चेतला अग्रणी) को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्देश दिया है और सभी पंजीकृत पूजा समितियों को सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया है।



















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