डीडीसी ने मांगा स्पष्टीकरण, खराब जलमीनारों और हैंडपंपों की सूची दो दिनों में तैयार करने का आदेश
देवघर (झारखंड)। जिले में पेयजल एवं स्वच्छता योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और अभियंताओं के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा ने लापरवाही के मामलों में संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं का वेतन रोकने तथा उनसे स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया है।
सोमवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीडीसी ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि कार्यक्षेत्र में सक्रिय रहकर पेयजल योजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा कराएं।

जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
डीडीसी ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय और स्वास्थ्य उपकेंद्र में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जल गुणवत्ता की नियमित जांच और पेयजल संकट की आशंका वाले क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक कदम उठाने को कहा।
खराब जलमीनारों और हैंडपंपों की सूची दो दिनों में मांगी
बैठक में जिले की सभी खराब जलमीनारों और हैंडपंपों की पहचान कर उनकी सूची दो दिनों के भीतर तैयार करके कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया। डीडीसी ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल देवघर और मधुपुर के कार्यपालक अभियंताओं को योजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा निर्माण और कार्यान्वयन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
ग्राम और पंचायत स्तर पर समयबद्ध कार्य पूरा करने पर जोर
उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्य ग्राम और पंचायत स्तर पर निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने पेयजलापूर्ति से संबंधित समस्याओं के समाधान में तत्परता बरतने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने पर बल दिया। बैठक में देवघर और मधुपुर के पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंताओं के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य तथा संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।























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