तीन कार्यकाल बीते, पर मूलभूत सुविधाओं को तरसते भुईयां समाज के ग्रामीण; मुखिया बोले- निजी भूमि के कारण आ रही अड़चन
कुंदा (चतरा)। पंचायती राज व्यवस्था के तीन कार्यकाल बीतने को हैं, लेकिन कुंदा पंचायत के टोला मुस्टंगवा गांव के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। अनुसूचित जाति भुईयां समाज की बड़ी आबादी वाले इस गांव में अब तक पक्की सड़क नहीं बन सकी है, जिससे ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
गांव से करीब एक किलोमीटर दूर बैरियाचक सरकारी विद्यालय तक पहुंचने में बच्चों को दिक्कत होती है। बारिश में कच्ची सड़क झाड़ी और कीचड़ से भर जाती है, जिससे नियमित पढ़ाई प्रभावित होती है।
ग्रामीण अशोक भारती, विनय भारती समेत अन्य ने कहा कि वर्तमान मुखिया का कार्यकाल भी लगभग समाप्ति की ओर है, ऐसे में पक्की सड़क बनने की उम्मीद एक बार फिर टूटती नजर आ रही है। ग्रामीण महिला शहोदरी देवी ने बताया कि सड़क नहीं होने से प्रसव के दौरान महिलाओं को काफी परेशानी होती है और आपात स्थिति में एंबुलेंस भी सीधे गांव तक नहीं पहुंच पाती।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत स्तर से मिट्टी-मोरम सड़क बनाने की स्वीकृति मिलने की बात कही गई है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने गांव में पक्की सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं पंचायत के मुखिया मनोज साहू ने कहा कि संबंधित सड़क निजी भूमि पर होने के कारण निर्माण में परेशानी आ रही है।






















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