धूमधाम के साथ मनाया गया भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन का त्योहार, बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर कराया मुंह मीठा, तो भाईयों ने दिया रक्षा का वचन
चतराः भाई बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन का त्योहार विशिष्ठ पांच योग में धूमधाम के साथ जिले भर में मनाया गया। बहन-भाई के प्यार का प्रतीक इस त्योहार को लेकर घर-घर में व्यापक तैयारियां की गई थी। बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर मुंह मीठा करवाया। वहीं भाइयों ने बहनों की रक्षा का वचन देते हुए उपहार भेंट किए। राखी का पर्व जिलेभर में दो दिन तक मनाया गया। बुधवार को दिनभर भद्रा होने के कारण बहनें शुभ मुहूर्त के लिए रात्रि 9 बजने का इंतजार करती रही। हांलाकि पूर्णिमा बुधवार सुबह 10 बजकर 59 मिनट से शुरू हो गई, लेकिन शुरुआत के साथ ही भद्रा लग गई थी। इस दौरान बुधवार रात 9 बजकर 2 बजे तक भद्रा रही। ऐसे में कुछ घरों में रात 9 बजकर 2 मिनट के बाद ही राखी बांधी गई। इसके बाद देर रात राखी बांधने का क्रम चलता रहा, जो गुरुवार दिनभर चला। जानकार पंडितों का कहना है कि रक्षाबंधन पर बुधादित्य योग, राजयोग, घनिष्ठा नक्षत्र सहित अन्य योग-संयोग रहने से भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन इस बार बेहद खास रहा। करीब 100 साल बाद चंद्रमा और शनि, सूर्य और बुध की युति रही। सूर्य स्वराशि सिंह, शनि स्वराशि कुंभ, बृहस्पति मित्र राशि मेष, बुध मित्र राशि सिंह में विराजमान होने से पंचमहायोगों का निर्माण हुआ। गुरुवार सुबह से ही लोगों ने स्नान कर देवी देवताओं की पूजा अर्चना की। इसके बाद बहनों ने भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांधकर जन्म जन्म तक सुख-दुःख में साथ निभाने का वचन भाईयों से लिया। वहीं भाईयों ने भी बहनों को उपहार देकर हमेशा साथ निभाने का वादा किया।






















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