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दखल-कब्जा दिलाने पहुंची न्यायालय-पुलिस टीम के सामने आगजनी, 7 नामजद समेत 10-15 अज्ञात पर प्राथमिकी

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जमीन विवाद में मची भगदड़, कई लोग झुलसे; सदर थाना में 7 नामजद समेत 10-15 अज्ञात पर प्राथमिकी

चतरा। सदर थाना क्षेत्र में न्यायालय के आदेश पर जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने पहुंची पुलिस एवं न्यायालय की टीम के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान आगजनी की घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसमें कई लोगों के झुलसने की बात आवेदन में कही गई है।

बताया गया कि सबजज-2 के आदेश पर वाद संख्या 13/2017 के तहत न्यायालय के प्रतिनिधि गंगा प्रसाद पुलिस बल के साथ डिग्री वाली मकान पर प्रदीप स्वामी को दखलदेहानी दिलाने पहुंचे थे। इसी बीच दोपहर करीब 1:30 बजे कई लोगों पर पेट्रोल डालने के बाद आगजनी हो जाने की बात आवेदन में कही गई है। आगजनी के बाद मौके पर भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई और कई लोगों के झुलसने की बात सामने आई।

अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचते ही उपद्रवियों के भागने का आरोप

आवेदन में कहा गया है कि अतिरिक्त पुलिस बल के साथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सन्नी वर्धन एवं मुख्यालय डीएसपी सुनील कुमार सिंह के मौके पर पहुंचने के बाद कथित रूप से उपद्रव कर रहे लोग इधर-उधर भागने लगे। आवेदन में सूचक प्रदीप स्वामी पर जान से मारने की नीयत से हमला करने के प्रयास का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायत के अनुसार, न्यायालय से डिग्री प्राप्त जमीन को आनंद माथुर, सुबोध यादव, रीना देवी समेत अन्य लोगों द्वारा मुकदमा हार चुकी पक्षकार के साथ कथित साजिश कर नाजायज तरीके से हड़पने का प्रयास किया जा रहा था।

25 नामजद समेत 10-15 अज्ञात पर केस

मामले में चतरा सदर थाना में कांड संख्या 372/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें अभिमन्यु यादव उर्फ डीएम यादव, करण यादव, अभिषेक यादव, हिमांशु कुमार उर्फ हनी, राजकुमार कसेरा, अमित कुमार समेत अन्य लोगों तथा 10-15 अज्ञात पर पुलिस एवं न्यायालय की कार्रवाई में बाधा डालने, भय का माहौल उत्पन्न करने और आगजनी करने का आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, मौके पर विरोध बढ़ने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान एक महिला द्वारा आगजनी किए जाने की बात कही गई है, जिससे अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, जिसके बाद उपद्रव कर रहे लोगों को हटाया गया।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने एकजुट होकर नाजायज मजमा बनाते हुए न्यायालय के कार्य में बाधा पहुंचाई। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई के साथ अपनी एवं अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 179(2), 132, 121(2), 115(1), 326, 351(3) एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

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