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सावन की रंगीन छटा: शिव आराधना के साथ मातृशक्ति ने मनाया सावन उत्सव, संस्कृति और संस्कारों का दिखा संगम

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समग्र ब्राह्मण मातृशक्ति परिषद् का आयोजन, पारंपरिक गीत-संगीत और हरियाली के बीच महिलाओं ने साझा की सावन की खुशियां

रायगढ़, छत्तीसगढ़। सावन मास की पावन बेला में रायगढ़ जिले के छुरी नगर में मंगलवार, 18 अगस्त को समग्र ब्राह्मण मातृशक्ति परिषद् के तत्वावधान में सावन उत्सव का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भगवान शिव की आराधना के साथ सावन के पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं लोक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

भगवान शिव के पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान भोलेनाथ के पूजन-अर्चन एवं मंगलाचरण के साथ हुई। उपस्थित महिलाओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत पूजा-अर्चना की और परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-शांति, समृद्धि तथा मंगलमय भविष्य की कामना की। कार्यक्रम स्थल को सावन की पारंपरिक सजावट, हरियाली और धार्मिक वातावरण से आकर्षक रूप दिया गया था। वातावरण में भक्ति और उत्साह का विशेष रंग देखने को मिला।

सावन के गीतों से भक्तिमय हुआ माहौल

आयोजन के दौरान महिलाओं ने सावन से जुड़े पारंपरिक लोकगीत, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सावन के गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाओं ने हरे रंग की पारंपरिक वेशभूषा एवं श्रृंगार के साथ उत्सव का आनंद लिया और एक-दूसरे को सावन की शुभकामनाएं दीं।

‘सावन संस्कृति और संस्कारों को सहेजने का अवसर’

संगठन की प्रदेश संगठन विस्तार प्रमुख उमा शुक्ला ने कहा कि सावन केवल भगवान शिव की आराधना का महीना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, लोक परंपराओं और पारिवारिक संस्कारों को सहेजने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन मातृशक्ति को एक-दूसरे से जोड़ने, सामाजिक सहभागिता बढ़ाने और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समाजहित के कार्यों को भी आगे बढ़ाने का संकल्प

मातृशक्ति परिषद् छुरी नगर अध्यक्ष रीना दुबे की ओर से कहा गया कि संगठन मातृशक्ति को सकारात्मक और सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के साथ समाजहित के कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार, सेवा, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता और जरूरतमंद परिवारों की सहायता जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। उपस्थित मातृशक्ति ने सामाजिक कार्यों में मिलकर योगदान देने का संकल्प लिया।

आत्मीयता और संगठनात्मक एकता का बना संदेश

सावन के पारंपरिक रंग में सजे आयोजन में सभी सदस्यों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ सहभागिता निभाई। कार्यक्रम आपसी प्रेम, सौहार्द, भाईचारे और संगठनात्मक एकता का सुंदर उदाहरण बना। समापन अवसर पर भगवान भोलेनाथ से सभी परिवारों के सुख-समृद्धि, आरोग्य, शांति और मंगल की कामना की गई। साथ ही सनातन संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण के साथ सामाजिक सेवा और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय रहने का संकल्प लिया गया।

सभी सहयोगियों का जताया आभार

परिषद् की नगर सचिव अदिति शुक्ला ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाली सभी मातृशक्ति सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को एकजुट करने का प्रयास जारी रहेगा।

कार्यक्रम में रूपाली शुक्ला, रीना दुबे, पूजा मिश्रा, सोमा पांडेय, सविता पांडेय, नीलम पांडे, कालिंदी पांडेय, अन्नपूर्णा पांडेय, शिल्पी मिश्रा, स्वर्णालता दुबे, मधु बाजपेई, ज्योति शुक्ला, किरण पांडेय, संगीता मिश्रा, दमयंती त्रिवेदी, रंजू पांडेय, प्रगति मिश्रा, नेहा मिश्रा सहित परिषद् की अनेक मातृशक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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