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जेपीएससी विवाद पर सदन में संग्राम, तय समय से एक दिन पहले विधानसभा सत्र समाप्त

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हंगामे और नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विपक्ष पर तीखा हमला—कहा, सरकार अपना काम करती रहेगी, विपक्ष हल्ला करता रहेगा

रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार को निर्धारित अवधि से एक दिन पहले ही समाप्त हो गया। JPSC विवाद, छात्रों के आंदोलन और सरकार की कार्रवाई को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार गतिरोध और हंगामा होता रहा। सदन के व्यवस्थित ढंग से नहीं चल पाने की स्थिति में विधानसभा अध्यक्ष ने चौथे दिन ही सत्र के समापन की घोषणा कर दी।

सत्र के दौरान JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और आंदोलनकारी छात्रों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष आमने-सामने रहे। आसन के सामने नारेबाजी और जोरदार बहस के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन को संबोधित करते हुए सरकार का पक्ष रखा और विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।

मुख्यमंत्री बोले—छात्रों के भविष्य को लेकर सरकार गंभीर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और परीक्षा से जुड़े विवादों की जांच कराई जा रही है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि JPSC से जुड़े मामले में सरकार की मंशा स्पष्ट है। परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और आवश्यक कार्रवाई के संबंध में छात्रों को सरकार की ओर से जानकारी दी जा चुकी है।

JPSC और TDPL एजेंसी का मुद्दा भी उठा

मुख्यमंत्री ने JPSC से जुड़ी परीक्षा प्रक्रिया में TDPL एजेंसी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जिस एजेंसी के माध्यम से परीक्षा आयोजित हुई, उससे जुड़ी अनियमितताओं की जांच विभिन्न स्तरों पर चल रही है। उन्होंने कहा कि JPSC में सुधार की जरूरत है और सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए IIT, IIM सहित विशेषज्ञ संस्थानों से सलाह-मशविरा कर परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर निर्णय लिए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

“विपक्ष के पास अब कुछ बचा नहीं”

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं से ऐसा लगता है कि विपक्ष के पास कोई दूसरा मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों के आंदोलन की आड़ में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अपना काम करती रहेगी और विपक्ष चाहे जितना हंगामा करे, उससे सरकार के कामकाज पर फर्क नहीं पड़ेगा।

सोमवार के छात्र आंदोलन का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने विधानसभा घेराव के दौरान हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सोमवार को सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच पूरा दिन तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, लेकिन प्रशासन ने धैर्य का परिचय दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदर्शनकारी संवेदनशील क्षेत्र तक पहुंच गए थे। उन्होंने प्रशासन द्वारा स्थिति संभालने के तरीके का उल्लेख करते हुए सरकार का पक्ष रखा।

सदन में नोट लहराने पर भी बरसे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान रांची के भाजपा विधायक सीपी सिंह द्वारा नोट लहराए जाने का भी मामला सामने आया। मुख्यमंत्री ने इस पर विपक्ष को निशाने पर लेते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने विपक्ष पर लोकतांत्रिक व्यवस्था और सदन की मर्यादा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं पर धनबल के इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि विपक्ष के लोगों के पास नोटों के बंडल होने की बात कही। हालांकि, मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए इन राजनीतिक आरोपों पर विपक्ष की ओर से प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।

सत्र के समय से पहले समापन से बढ़ी राजनीतिक हलचल

JPSC विवाद और छात्र आंदोलन के बीच विधानसभा सत्र का निर्धारित अवधि से एक दिन पहले समाप्त होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सदन में लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित हुई और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।

अब विधानसभा के भीतर उठे JPSC विवाद और सड़क पर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित अनियमितताओं की जांच और छात्रों की मांगों पर सरकार आगे क्या ठोस कदम उठाती है।

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