भारी वाहनों और प्रदूषण से राहत, लेकिन आंदोलन की सफलता को लेकर ग्रामीणों में संशय
टंडवा (चतरा)। सिमरिया में रविवार को चल रहे चक्का जाम का असर टंडवा-सिमरिया मुख्य सड़क पर भी देखने को मिला। कोयला एवं फ्लाई ऐश लदे वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा, जिससे सड़क पर सन्नाटा पसरा रहा। भारी वाहनों की आवाजाही और बढ़ते प्रदूषण से परेशान राहगीरों एवं ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
हालांकि, हजारीबाग जिले में उत्पादित कोयले की ट्रांसपोर्टिंग और फ्लाई ऐश की ढुलाई रोकने को लेकर शुरू किए गए अनिश्चितकालीन आंदोलन को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति भी बनी हुई है। पिछले आंदोलनों के अनुभवों को देखते हुए ग्रामीण आंदोलन की सफलता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर नहीं आ रहे हैं।
आंदोलन को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि आंदोलनकारियों की एकजुटता से चक्का जाम कितना प्रभावी होता है और मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन अपने मुकाम तक पहुंचता है या फिर पिछले आंदोलनों की तरह इसका भी कोई नया अध्याय जुड़ता है। आने वाले दिनों में ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने की उम्मीद है।




















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