कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि, कहा— यह विजय राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की अमर प्रेरणा
सिमरिया (चतरा)। कारगिल युद्ध में तोलोलिंग की ऐतिहासिक विजय को याद करते हुए सेना से सेवानिवृत्त हनी कैप्टन दिलीप कुमार सिंह ने संवाददाता सुबोध कुमार शर्मा से बातचीत में कहा कि यह जीत भारतीय सेना के अदम्य साहस, उत्कृष्ट नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तोलोलिंग पर तिरंगा फहराने की गौरवगाथा भारतीय सैन्य इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में सदैव अंकित रहेगी।
उन्होंने बताया कि लगभग 85 दिनों तक चले भीषण कारगिल युद्ध के दौरान द्वितीय बटालियन, राजपूताना राइफल्स (2 राज रिफ) ने कर्नल एम.बी. रविंद्रनाथ के नेतृत्व में दुश्मन के मजबूत ठिकानों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर तोलोलिंग चोटी पर तिरंगा फहराया। इस विजय ने कारगिल युद्ध की दिशा बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई।
हनी कैप्टन दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान में चार अधिकारी, पांच जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) और 47 जवान वीरगति को प्राप्त हुए। मेजर विवेक गुप्ता, मेजर आचार्य, कैप्टन विजयंत थापर, सूबेदार भंवरलाल भाखर सहित अनेक वीर सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि युद्ध में असाधारण वीरता के लिए मेजर विवेक गुप्ता और नायक दिगेंद्र कुमार को महावीर चक्र, जबकि कर्नल एम.बी. रविंद्रनाथ, सूबेदार सुमेर सिंह और हवलदार यशवीर तोमर को वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
हनी कैप्टन दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी कर्नल एम.बी. रविंद्रनाथ ने शहीद सैनिकों के परिवारों की शिक्षा, पेंशन और अन्य आवश्यक जरूरतों में सहयोग कर सैनिक धर्म का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कारगिल के सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि तोलोलिंग विजय आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी।
























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