छत्तीसगढ़ से पहुंची विशेष बटालियन ने दिया ‘गार्ड ऑफ ऑनर’, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई; ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, लक्ष्मण तेरा नाम रहेगा’ से गूंजा नदी घाट
न्यूज स्केल लाइव
चतरा (सिमरिया)। सिमरिया प्रखंड क्षेत्र के देल्हो घाटी में हुए भीषण व हृदयविदारक सड़क हादसे के 24 घंटे बाद, देश की सेवा में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जांबाज जवान लक्ष्मण यादव का शुक्रवार को उनके पैतृक क्षेत्र स्थित स्थानीय नदी घाट पर पूर्ण राजकीय एवं सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। छत्तीसगढ़ से विशेष रूप से सिमरिया पहुंची सीआरपीएफ बटालियन के सशस्त्र जवानों ने अपने साथी के पार्थिव शरीर को सलामी देते हुए ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (Guard of Honour) दिया और नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इस अत्यंत भावुक क्षण के दौरान पूरा इलाका ‘लक्ष्मण यादव अमर रहें’ और ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में उमड़े ग्रामीणों और युवाओं की आंखें नम थीं।
हाइवा की चपेट में आने से हुआ था हादसा, 24 घंटे तक एनएच 522 रहा पूरी तरह ठप
विदित हो कि गुरुवार की शाम को देल्हो घाटी में एक बेकाबू और अनियंत्रित हाइवा की चपेट में आने से बाइक सवार जवान लक्ष्मण यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग से उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था, परंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुंचने से पूर्व रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस दर्दनाक घटना से आक्रोशित ग्रामीणों, युवाओं और परिजनों ने उचित विधिक मुआवजे और ट्रांसपोर्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-522) को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रशासनिक उदासीनता और ट्रांसपोर्टर द्वारा तत्काल उचित मुआवजा राशि की घोषणा न किए जाने के कारण यह महाजाम करीब 24 घंटे तक अनवरत लगा रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर यात्री बसों और मालवाहक वाहनों की मीलों लंबी कतारें लग गईं और आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सीआरपीएफ बटालियन के दखल और प्रशासनिक आश्वासन के बाद खुला जाम
सड़क जाम और विधि-व्यवस्था के गंभीर संकट के बीच शुक्रवार को छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ की विशेष बटालियन सिमरिया पहुंची। इसके बाद चतरा जिला व सिमरिया प्रखंड के आला प्रशासनिक अधिकारियों ने त्वरित मध्यस्थता की। प्रशासन द्वारा विधिक मुआवजा प्रक्रिया को जल्द पूरा करने और दोषी वाहन चालक व ट्रांसपोर्टर पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के पुख्ता आश्वासन के बाद ही परिजन और उग्र ग्रामीण शव के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए और जाम को विधिक रूप से खोला गया।
इसके बाद सीआरपीएफ बटालियन के अधिकारियों और जवानों ने पैतृक गांव पहुंचकर अपने शहीद साथी के पार्थिव शरीर को पूरे विधिक प्रोटोकॉल के साथ अपने संरक्षण में लिया। तिरंगे में लिपटे जवान के शव को विधिक सम्मान देते हुए अंतिम विदाई की सभी सैन्य रस्में पूरी की गईं। स्थानीय नदी घाट पर मुखाग्नि के समय भारी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, प्रबुद्ध ग्रामीण और कद्दावर जनप्रतिनिधि उपस्थित थे, जिन्होंने दिवंगत जवान को नम आंखों से पुष्पांजलि अर्पित की।
सिमरिया हाइवा दुर्घटना व सैन्य विदाई: एक नजर में
┌───────────────────────────────┬────────────────────────────────┐
│ दिवंगत वीर जवान │ लक्ष्मण यादव (जांबाज जवान, सीआरपीएफ - CRPF) │
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ मुख्य दुर्घटना स्थल │ देहर/देल्हो घाटी, सिमरिया प्रखंड, चतरा जिला │
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ दुर्घटना का मुख्य कारण │ अनियंत्रित व तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आना │
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ प्रभावित राष्ट्रीय राजमार्ग │ एनएच-522 (मुआवजे की मांग पर 24 घंटे जाम रहा) │
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ सैन्य सम्मान विंग │ सीआरपीएफ बटालियन (छत्तीसगढ़ से पहुंची विशेष टीम)│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ अंतिम संस्कार का स्थल │ स्थानीय नदी घाट, सिमरिया (पूर्ण सैनिक सम्मान) │
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ वर्तमान प्रशासनिक स्थिति │ जाम समाप्त, विधिक मुआवजे व कार्रवाई का आश्वासन │
└───────────────────────────────┴────────────────────────────────┘






















Total Users : 1067162
Total views : 2865124