नावाडीह पंचायत भवन जीर्णोद्धार में खुली भ्रष्टाचार की पोल: पुराने पंखे-लाइटों को ही पेंट कर दोबारा लगाया; ठेकेदार के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश, जांच की मांग
न्यूज स्केल लाइव
चतरा (पत्थलगड़ा)। चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड अंतर्गत नावाडीह ग्राम पंचायत भवन के जीर्णोद्धार और विशेष मरम्मत कार्य में भारी लापरवाही, सरकारी राशि के दुरुपयोग और घोर वित्तीय अनियमितता का एक बेहद चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है. विशेष ग्रामीण कार्य प्रमंडल (विशेष प्रमंडल) द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे इस कार्य में संवेदक (ठेकेदार) द्वारा एस्टीमेट को ताक पर रखकर बेहद घटिया स्तर का काम कराने का संगीन आरोप स्थानीय ग्रामीणों ने लगाया है.
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत भवन की रिपेयरिंग के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति और लीपापोती की गई है. भवन में इतनी दोयम दर्जे की निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है कि मरम्मत के तुरंत बाद ही दीवारों और छतों से काम की बदहाली और दरारें साफ़ दिखने लगी हैं, जिससे सरकारी फंड की बंदरबांट का अंदेशा है.
पुराने और खराब सामानों को ही दोबारा चमकाया, नए उपकरण एस्टीमेट से गायब
जांच में सबसे बड़ी और गंभीर लापरवाही बिजली की वायरिंग और अन्य आवश्यक उपकरणों की फिटिंग में सामने आई है. आक्रोशित ग्रामीणों का सीधा कहना है कि पंचायत भवन में जीर्णोद्धार के नाम पर कोई भी नया प्रशासनिक या तकनीकी सामान नहीं लगाया गया है. बल्कि, पूर्व से लगे पुराने, जर्जर और खराब हो चुके बिजली के सामानों को ही शातिर तरीके से दोबारा पेंट और मामूली मरम्मत (रिपेयर) कर वापस टांग दिया गया है.
सरकारी निर्देश और स्वीकृत एस्टीमेट (Estimate) के सख्त प्रावधानों के बावजूद भवन में नए पंखे, आधुनिक लाइटें और अन्य आवश्यक उपकरण धरातल पर नहीं लगाए गए. इस पूरे भ्रष्टाचार के खेल में संवेदक इरफान की भूमिका पर अब गंभीर विधिक सवाल खड़े हो रहे हैं. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ठेकेदार इरफान द्वारा विभागीय अभियंताओं से मिलीभगत कर भारी फंड की हेराफेरी की गई है और मौके पर कोई नया काम नहीं हुआ है.
22 लाख में बना था पूरा भवन, मरम्मत के नाम पर फूंक दिए 23 लाख!
इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प और वित्तीय विसंगति का शिकार बनाने वाला तकनीकी पहलू इसके बजट से जुड़ा है. विभागीय सूत्रों और संचिकाओं से मिली जानकारी के अनुसार:
मूल भवन की लागत: इस नावाडीह पंचायत भवन का मूल निर्माण पूर्व में 22 लाख रुपये की कुल सरकारी लागत से कराया गया था.
मरम्मत का भारी-भरकम बजट: हैरानी की बात यह है कि इस निर्मित भवन की महज विशेष मरम्मत और जीर्णोद्धार कराने के लिए विशेष ग्रामीण कार्य प्रमंडल की ओर से 23 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई थी.
यानी जितने में नया भवन बनकर तैयार हुआ था, उससे भी अधिक राशि सिर्फ मरम्मत के नाम पर आवंटित कर दी गई. इसके बावजूद कार्य की गुणवत्ता को पूरी तरह शून्य रखा गया, जिससे पूरी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती दिख रही है.
नावाडीह पंचायत भवन मरम्मत घोटाला: एक नजर में
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│ मुख्य प्रभावित स्थल │ नावाडीह पंचायत भवन, पत्थलगड़ा प्रखंड (चतरा) │
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│ क्रियान्वयन करने वाला विभाग │ विशेष ग्रामीण कार्य प्रमंडल (विशेष प्रमंडल) │
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│ नामजद आरोपी संवेदक (ठेकेदार) │ इरफान (फंड हेराफेरी व घटिया सामग्री का आरोप) │
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│ मूल भवन की निर्माण लागत │ ₹22 लाख (पूर्व में निर्मित) │
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│ विशेष मरम्मत हेतु आवंटित फंड │ ₹23 लाख (मूल लागत से भी अधिक) │
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│ मुख्य तकनीकी गड़बड़ी │ पुराने पंखे-लाइटों को पेंट कर लगाया, गुणवत्ता खराब │
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बीडीओ और जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी
सरकारी भवन की इस दुर्दशा और जनता के टैक्स के पैसों की सरेआम लूट को लेकर स्थानीय जनता में चतरा जिला प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है. नावाडीह के प्रबुद्ध ग्रामीणों ने चतरा उपायुक्त रवि आनंद और स्थानीय प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से इस संवेदनशील मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए ऑन-स्पॉट जांच का आदेश जारी करने की पुरजोर मांग की है.
ग्रामीणों ने दोटूक कहा है कि पूरे कार्य की तकनीकी विशेषज्ञों की टीम से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, भ्रष्ट ठेकेदार इरफान पर उचित दंडात्मक कार्रवाई हो और स्वीकृत सरकारी एस्टीमेट के अनुसार पंचायत भवन में नए पंखे, डिजिटल लाइटें व अन्य जरूरी सामग्रियां अविलंब लगवाई जाएं. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे प्रखंड कार्यालय का घेराव करने को बाध्य होंगे.

























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