11 डिसमिल विवादित भूमि पर बोरिंग कराने पहुंचे थे अधिकारी, अचानक लाठी-डंडों से हुआ हिंसक हमला; अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
रामगढ़ (मांडू)। झारखंड के प्रशासनिक और पुलिस महकमे से इस वक्त एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। चतरा जिले के पूर्व रजिस्ट्रार (निबंधक) एवं वर्तमान में गिरिडीह जिले में पदस्थापित कार्यरत रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत रबोध गांव में कथित तौर पर पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई है। एक सीनियर प्रशासनिक अधिकारी की इस तरह सरेआम हुई हत्या के बाद पूरे राज्य के प्रशासनिक हलके और पुलिस मुख्यालय में हड़कंप मच गया है। स्थानीय पुलिस बल और वरीय अधिकारी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कैंप कर रहे हैं।
11 डिसमिल जमीन पर बोरिंग कराने गए थे रजिस्ट्रार, अचानक हुआ जानलेवा हमला
प्राप्त प्राथमिक और विश्वसनीय जानकारी के अनुसार, रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल रामगढ़ जिले के मांडू अंतर्गत रबोध गांव में स्थित अपनी एक विवादित 11 डिसमिल पैतृक/निजी भूमि पर बोरिंग (जलापूर्ति हेतु) करवाने के लिए स्वयं पहुंचे थे। इसी दौरान जमीन के मालिकाना हक को लेकर दूसरे पक्ष से उनका विवाद अचानक बेहद बढ़ गया।
देखते ही देखते मामला पूरी तरह हिंसक हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान सुनियोजित तरीके से घात लगाए बैठे विपक्ष के कुछ लोगों ने उन पर लाठी-डंडों, धारदार हथियारों एवं अन्य घातक हथियारों से अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। इस बर्बर हमले में रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल गंभीर रूप से लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े।
अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने तोड़ा दम, हमलावरों की धर-पकड़ को बनीं टीमें
घटनास्थल पर मची चीख-पुकार के बाद स्थानीय लोगों और सहयोगियों की मदद से लहूलुहान और अचेत अवस्था में रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने गहन जांच के बाद उन्हें ‘मृत’ (ब्रॉट डेड) घोषित कर दिया। इस वीभत्स हत्याकांड की खबर जैसे ही गिरिडीह, चतरा और रामगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में फैली, साथी अधिकारियों, शुभचिंतकों और परिजनों में गहरा शोक व्याप्त हो गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की आधिकारिक सूचना मिलते ही रामगढ़ जिला पुलिस की टीम दल-बल के साथ अविलंब रबोध गांव स्थित घटनास्थल पर पहुंची और पूरे इलाके को सील कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने (FSL) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस की विशेष टीमें हमलावरों की त्वरित पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी अभियान चला रही हैं।

रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल हत्याकांड: एक नजर में
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│ मृतक अधिकारी │ बालेश्वर पटेल (वर्तमान रजिस्ट्रार, गिरिडीह) │
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│ पूर्व पदस्थापना │ पूर्व रजिस्ट्रार, चतरा जिला │
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│ मुख्य घटनास्थल │ ग्राम: रबोध, प्रखंड: मांडू, जिला: रामगढ़ │
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│ हत्या का मुख्य कारण │ 11 डिसमिल भूमि पर बोरिंग को लेकर विवाद│
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│ वर्तमान पुलिसिया कार्रवाई │ साक्ष्य संकलन जारी, आरोपियों की गिरफ्तारी को रेड│
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अंधाधुंध अफवाहों पर न दें ध्यान, संयम बरतें: रामगढ़ पुलिस की अपील
रामगढ़ जिला पुलिस प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले को लेकर आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से विशेष अपील जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि:
“रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की हत्या के पीछे का प्राथमिक और प्रमुख कारण पूरी तरह से जमीन विवाद (Land Dispute) प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस हर संभावित और तकनीकी पहलुओं से मामले की गहन तफ्तीश कर रही है। कानून पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है, इसलिए आम नागरिक किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस अनुसंधान पूरा होने तक संयम बनाए रखें। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”

























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