दूसरे राज्यों के लोगों को बुलाकर कराते थे फर्जी शादी, फिर पुलिस अफसर बन बंधक बनाकर वसूलते थे मोटी रकम; सरगना अंकुर पर दर्ज हैं 28 केस
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की गोरखपुर जिला पुलिस ने मादक पदार्थों, लूट और जालसाजी के सिंडिकेट के खिलाफ एक और बड़ी और नजीर बनने वाली कार्रवाई की है। चिलुआताल थाना क्षेत्र में खुद को बड़ा पुलिस अधिकारी बताकर और दूसरे राज्यों के भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाकर फर्जी शादी कराने वाले एक बेहद शातिर और खूंखार गिरोह पर पुलिस ने पूरी तरह से शिकंजा कस दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को लगातार मिल रही गंभीर शिकायतों के बाद पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए गिरोह के सरगना समेत कुल 8 सक्रिय सदस्यों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। इस बड़ी कार्रवाई से जिले के जालसाजों और अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है।
शादी का झांसा, फिर फर्जी पुलिस रेड; ऐसे काम करता था यह शातिर गिरोह
पुलिस द्वारा की गई विस्तृत विधिक जांच में इस गिरोह के काम करने के बेहद चौंकाने वाले और खौफनाक तौर-तरीकों का खुलासा हुआ है। इस पूरे अंतर-राज्यीय संगठित गिरोह का नेतृत्व (गैंग लीडर) अंकुर सिंह नामक शातिर अपराधी करता था। यह गिरोह मुख्य रूप से बिहार, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के सीधे-साधे और अमीर लोगों को शादी कराने का झांसा देकर गोरखपुर बुलाता था।
गोरखपुर बुलाने के बाद गिरोह के सदस्य एक फर्जी शादी का ढोंग रचते थे। जैसे ही शादी की रस्में पूरी होती थीं, गिरोह के मुख्य सदस्य खुद को पुलिस का बड़ा अधिकारी और जांच एजेंसी का अफसर बताकर मौके पर ‘फर्जी रेड’ डालते थे। इसके बाद पीड़ितों को अवैध रूप से बंधक बना लिया जाता था और केस दर्ज करने व जेल भेजने का भय दिखाकर उनसे ऑन-स्पॉट लाखों रुपये की मोटी रकम (धन उगाही) वसूली जाती थी।
एसएसपी और एसपी उत्तरी के निर्देश पर तैयार हुआ ‘गैंग चार्ट’, ये आरोपी हुए नामजद
इस अमानवीय धंधे और जबरन रंगदारी को लेकर आला अधिकारियों को कई शिकायतें मिल रही थीं, जिससे आम जनता के बीच गहरा भय और आतंक का माहौल कायम हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तरी (SP North) के सीधे निर्देशन में क्षेत्राधिकारी (CO) कैंपियरगंज अनुराग कुमार सिंह और उनकी विशेष टीम ने गहन जांच की।
पुलिस टीम ने जिला मजिस्ट्रेट (DM) से विधिवत विधिक स्वीकृति प्राप्त करने के बाद इस गिरोह का एक व्यापक ‘गैंग चार्ट’ तैयार किया। जिला मजिस्ट्रेट की मंजूरी मिलते ही पुलिस ने गिरोह के सरगना अंकुर सिंह सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। नामजद किए गए आरोपियों की सूची इस प्रकार है:
अंकुर सिंह (गैंग सरगना/लीडर) राजू शर्मा (सक्रिय सदस्य) धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन (सक्रिय सदस्य) रवि चौधरी (सक्रिय सदस्य) मुन्ना जायसवाल (सक्रिय सदस्य) नवमी शर्मा (सक्रिय सदस्य) शैला देवी (महिला सदस्य/सहयोगी) नीलम सिंह (महिला सदस्य/सहयोगी)
गोरखपुर फर्जी मैरिज गैंग एक्शन रिपोर्ट: एक नजर में
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│ मुख्य मार्गदर्शक व विधिक कमान │ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), गोरखपुर │
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│ धरातल पर कमान/जांचकर्ता │ अनुराग कुमार सिंह (क्षेत्राधिकारी, कैंपियरगंज)│
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│ मुख्य विधिक कार्रवाई │ यूपी गिरोह बंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) 1986│
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│ गैंग लीडर/सरगना │ अंकुर सिंह (कुल 28 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज)│
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│ कुल नामजद अभियुक्त │ 08 (6 पुरुष एवं 2 महिला सदस्य) │
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हत्या, लूट और रंगदारी का पुराना इतिहास; कानूनी कड़ाई से रुकेगा आतंक
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस गिरोह के सरगना अंकुर सिंह और उसके सदस्यों का इतिहास बेहद पुराना और संगीन रहा है। यह महज एक धोखाधड़ी करने वाला गैंग नहीं है, बल्कि इनके खिलाफ पूर्व से ही हत्या (302), हत्या के प्रयास (307), लूट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट, अपहरण और रंगदारी जैसी कई अत्यंत गंभीर और गैर-जमानती धाराओं में विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं। अकेले गैंग लीडर अंकुर सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 28 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि अंतर-राज्यीय नागरिकों को झांसा देकर फर्जी शादी रचाने और फर्जी पुलिसकर्मी बनकर बंधक बनाकर भारी धन उगाही करने वाले इस गिरोह की कमर तोड़ने के लिए यह बड़ी कार्रवाई की गई है। गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस इन सभी अपराधियों की अवैध रूप से अर्जित की गई चल-अचल संपत्तियों को भी चिन्हित कर उन्हें कुर्क (सीज) करने की विधिक कार्रवाई में जुट गई है, ताकि इनके आपराधिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

























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