30 हफ्तों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद 25% महिला भागीदारी ने बढ़ाया मान; डीजीपी और एडीजी की गरिमामयी उपस्थिति
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
रांची (डोरंडा)। राजधानी रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 (JAP-1) ग्राउंड में आयोजित “बुनियादी प्रशिक्षुओं का पारण परेड समारोह-2026” के दौरान खाकी का एक बेहद गौरवशाली और अद्भुत नजारा देखने को मिला। प्रतिकूल मौसम और झमाझम हो रही बारिश के बीच नव-नियुक्त जवानों और जांबाज अधिकारियों ने अपनी शानदार कदमताल और मार्चपास्ट से देश सेवा का संकल्प लिया। इस ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए। सीएम ने परेड का विधिवत निरीक्षण किया और जैप-1 परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
डीसपी और आरक्षियों के बैच में 25% महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पारण परेड को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग बहुत लंबे समय से आज के इस ऐतिहासिक दिन का इंतजार कर रहे थे। सभी जवानों और अधिकारियों ने लगभग 30 हफ्तों (करीब 7 महीने) तक बेहद कठिन और लंबा बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
इस बैच की सबसे बड़ी और खूबसूरत विशेषता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
“मुझे यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इस पूरे बैच में लगभग 25% महिलाओं की शानदार भागीदारी है। यह आधी आबादी के सशक्तिकरण का सबसे बड़ा प्रमाण है। हमारी सरकार चाहती है कि राज्य के हर क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी पूरी तरह समान और बराबर हो, जो आज खाकी के इस बेजोड़ स्वरूप में धरातल पर दिख भी रहा है।”
“यह शपथ सिर्फ वर्दी के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा की प्रतिज्ञा है”: सीएम
खराब मौसम के बावजूद जवानों के अटूट हौसले की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झमाझम बरसते पानी के बीच जो शपथ आपने ली है, वह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की असली ताकत है। इसी प्रतिज्ञा के बदौलत भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बना है।
उन्होंने भावुक संदेश देते हुए कहा कि यह शपथ सिर्फ आकर्षक वर्दी के लिए नहीं, बल्कि राज्य की सवा तीन करोड़ आम जनता की सुरक्षा और निस्वार्थ सेवा के लिए है। आज के बाद से आप एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि व्यवस्था से बंधकर राज्य के प्रहरी बन चुके हैं।
बुनियादी प्रशिक्षुओं का पारण परेड-2026: मुख्य बिंदु
┌───────────────────────────────┬────────────────────────────────┐
│ मुख्य कमान व मुख्य अतिथि │ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन │
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ प्रशिक्षण की कुल अवधि │ लगभग 30 हफ्तों की कठिन ट्रेनिंग │
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ बैच की मुख्य विशेषता │ 25% जांबाज महिला पुलिस बल की भागीदारी│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ भर्ती का मुख्य आधार │ जेपीएससी (DSP पद) एवं बड़े पैमाने पर अनुकंपा│
└───────────────────────────────┴────────────────────────────────┘
अनुकंपा पर आए जवानों को याद दिलाया परिजनों का सर्वोच्च बलिदान
मुख्यमंत्री ने बैच में शामिल अनुकंपा (Compassionate Appointment) के आधार पर नियुक्त हुए जवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि कर्तव्य पथ पर चलते हुए आपके परिजनों ने पूर्व में अपने प्राणों की आहुति दी है। उनके उसी अधूरे सफर और सर्वोच्च कर्तव्य को पूरा करने की जिम्मेदारी अब राज्य सरकार ने आपके मजबूत कंधों पर सौंपी है। हम सिर्फ नौकरी या मासिक तनख्वाह के लिए पुलिस बल में शामिल नहीं होते, बल्कि सर्वोच्च कर्तव्यों के संकल्प के साथ इस व्यवस्था को स्वीकार करते हैं।
उन्होंने कड़े शब्दों में निर्देश दिया कि सी०टी०सी०, स्वासपुर, मुसाबनी और विभिन्न जिला इकाइयों में जो ट्रेनिंग आपको दी गई है, उसका सीधा असर अब झारखंड की कानून-व्यवस्था, सुदृढ़ विधि-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर धरातल पर दिखना चाहिए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी प्रशिक्षुओं को सीएम के हाथों पुरस्कृत भी किया गया।
पुलिस महकमे के लिए अलग से आवासीय विद्यालय और विशेष अस्पताल का बड़ा ऐलान
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस जवानों के कल्याण के लिए दो बेहद बड़े और ऐतिहासिक नीतिगत निर्णयों की घोषणा की:
आधुनिक आवासीय विद्यालय: पुलिस विभाग के कर्मियों के बच्चों की उत्कृष्ट शिक्षा के लिए अलग से सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा।
विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं: पुलिस बल और उनके परिजनों के लिए विशेष चिकित्सा एवं स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा (Special Healthcare Infrastructure) अलग से स्थापित किया जा रहा है।
झारखंड पुलिस के इस ऐतिहासिक पारण परेड समारोह के पावन अवसर पर मुख्य रूप से राज्य की महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक (DGP) तदाशा मिश्रा, अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) प्रिया दुबे सहित झारखंड पुलिस मुख्यालय के तमाम वरीय आईपीएस (IPS) अधिकारी, सैन्य विंग के कमांडेंट, प्रशिक्षक और गौरवान्वित प्रशिक्षुओं के शोकाकुल व हर्षित परिजन भारी संख्या में उपस्थित थे। सीएम ने “जय हिंद, जय झारखंड और जोहार” के नारे के साथ अपने ऊर्जावान संबोधन का समापन किया।



























Total Users : 1036764
Total views : 2822701