एक ही नाम पर कई वोटर आईडी और जाली कागजात बरामद; थाना प्रभारी के साथ अखाड़े में उतरी टीम
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा। चतरा पुलिस ने जिला मुख्यालय और राजपुर क्षेत्र में सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बेहद बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय ऑनलाइन धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। झारखंड पुलिस मुख्यालय (रांची) से मिली बेहद पुख्ता और गुप्त तकनीकी सूचना के आधार पर चतरा पुलिस कप्तान के निर्देश पर गठित विशेष छापामारी दल ने राजपुर थाना क्षेत्र में दबिश देकर एक शातिर साइबर अपराधी को धर दबोचा है। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी के संदर्भ में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सन्नी वर्धन ने प्रेस वार्ता आयोजित कर विस्तृत जानकारी साझा की।
कलिया नावाडीह का सनोज सिंह चढ़ा पुलिस के हत्थे
एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राजपुर थाना क्षेत्र के कलिया नावाडीह निवासी सनोज सिंह (पिता: उमेश सिंह) के रूप में की गई है। अभियुक्त लंबे समय से तकनीकी संसाधनों का दुरुपयोग कर भोले-भाले लोगों को अपनी जालसाजी का शिकार बना रहा था।
पुलिस की विशेष टीम ने जब सनोज सिंह के ठिकाने पर औचक छापेमारी की, तो वहाँ का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। अभियुक्त के पास से बड़े पैमाने पर जाली दस्तावेज, एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग नंबरों से बने फर्जी वोटर आईडी कार्ड, विभिन्न बैंकों की पासबुक, पैन कार्ड, कई मोबाइल फोन, लैपटॉप तथा अन्य आपत्तिजनक डिजिटल सामग्रियां बरामद की गईं, जिनका उपयोग वित्तीय फ्रॉड में किया जा रहा था।
BNS और आईटी एक्ट की कड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज
इस गंभीर जालसाजी को लेकर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजपुर थाने में कांड संख्या 50/2026, दिनांक 24.06.2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(20), 318(4), 338, 336(3), 340(2) एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66(c) और 66(d) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी बड़े पैमाने पर ऑनलाइन फ्रॉड और पहचान संबंधी गंभीर जालसाजी (Identity Theft) में संलिप्त था, जिससे सैकड़ों लोगों की व्यक्तिगत और वित्तीय सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी।
राजपुर साइबर क्राइम जब्ती सूची: एक नजर में
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│ गिरफ्तार अभियुक्त │ सनोज सिंह (पिता: उमेश सिंह) │
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│ चार पहिया वाहन जब्ती │ मारुति अर्टिगा कार (JH02BW-8825)│
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│ दो पहिया वाहन जब्ती │ एक स्कूटी (JH02BS-4346) │
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│ बरामद डिजिटल उपकरण │ 04 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप व चार्जर│
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│ जाली सरकारी दस्तावेज │ वोटर आईडी, पैन कार्ड, पासबुक, चेकबुक, [Aadhaar Redacted] │
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लक्जरी अर्टिगा कार और स्कूटी भी पुलिस ने की जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने अभियुक्त की काली कमाई से अर्जित संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा है। मौके से जाली कागजातों के अलावा अपराध में प्रयुक्त एक अर्टिगा कार (गाड़ी संख्या: JH02BW-8825) और एक स्कूटी (संख्या: JH02BS-4346) को भी विधिवत जब्त कर थाने लाया गया है।
प्रेस वार्ता में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सन्नी वर्धन ने स्पष्ट किया कि:
“गिरफ्तार संदिग्ध साइबर अपराधी से साइबर सेल की विशेष टीम लगातार पूछताछ कर रही है। अनुसंधान के दायरे को बढ़ाते हुए पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अपराधी के नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हैं और इसने अब तक कितने लोगों के व्यक्तिगत और बैंकिंग डेटा को प्रभावित कर वित्तीय चूना लगाया है।”
साइबर सेल और बैंकों के साथ बिठाया जा रहा है तालमेल
एसडीपीओ ने आगे बताया कि इस गिरोह के पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए आवश्यक तकनीकी पहलुओं पर साइबर सेल और संबंधित बैंकिंग संस्थानों के साथ उच्च स्तरीय समन्वय (Coordination) स्थापित किया जा रहा है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी और नए खुलासे होंगे, अभियुक्त के खिलाफ कोर्ट की अनुमति से प्राथमिकी में और भी कई कड़ी कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी।
इस बेहद सफल और गोपनीय छापामारी दल का नेतृत्व स्वयं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चतरा ने किया, जिसमें मुख्य रूप से राजपुर थाना प्रभारी पु.अ.नि. रूपेश कुमार और थाना सशस्त्र बल की टीम शामिल थी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।


























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