एक ही झटके में बुझ गए चार चिराग, बस और कार की भीषण टक्कर में चार सगे भाइयों की मौत, मुआवजे और गिरफ्तारी की मांग पर सड़क जाम
कभी-कभी एक हादसा केवल चार जिंदगियां नहीं छीनता, बल्कि पूरे परिवार का भविष्य अपने साथ ले जाता है। राजस्थान के बालोतरा जिले में मंगलवार को हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना ने एक परिवार को ऐसा दर्द दे दिया, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। काम के सिलसिले में घर से निकले चार सगे भाई एक साथ मौत के आगोश में समा गए। जिस आंगन में चार बेटों की हंसी गूंजती थी, वहां अब मातम और सन्नाटा पसरा है।
न्यूज स्केल राजस्थान ब्यूरो | रमेश शर्मा
राजस्थान के बालोतरा जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार सगे भाइयों की मौत हो गई। पाटोदी के समीप रोडवेज बस और कार के बीच हुई भीषण टक्कर में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि कार में सवार सभी लोग वाहन के अंदर ही फंस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बालोतरा एसपी रमेश कुमार ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान कोडूका गांव निवासी जोगाराम (31), विशनाराम (29), रेखाराम (35) और उदाराम (39) मेघवाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि चारों भाई किसी आवश्यक कार्य से घर से निकले थे। रास्ते में सामने से आ रही रोडवेज बस से उनकी कार की आमने-सामने की टक्कर हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। पुलिस ने शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पाटोदी सड़क को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने बस चालक की गिरफ्तारी तथा मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की। सूचना मिलने पर पचपदरा थाना प्रभारी गीता कुमारी मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
मानवीय पीड़ा की सबसे बड़ी तस्वीर
चार भाई, जो सामान्यतः एक साथ यात्रा नहीं करते थे, उस दिन एक ही वाहन में सवार होकर निकले थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह उनका अंतिम सफर साबित होगा। माता-पिता ने एक साथ अपने चार बेटों को खो दिया। परिवार के लिए यह केवल अपनों का बिछड़ना नहीं, बल्कि उम्मीदों, सपनों और जीवन के सहारों का एक साथ टूट जाना है। यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक ऐसा दर्द है जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। कुछ घटनाएं खबरों से आगे बढ़कर मानवीय संवेदनाओं की कसौटी बन जाती हैं और यह हादसा भी उन्हीं में से एक है।





















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