जियारत कर लौट रहे थे सभी श्रद्धालु; तेज रफ्तार कार और ट्रक की भीषण टक्कर ने उजाड़े कई हंसते-खेलते परिवार; पांचों मृतकों के जनाजे में उमड़ा जनसैलाब
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
मेदिनीनगर (पलामू): झारखंड के पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के लिए आज रविवार, 14 जून 2026 का दिन गहरे शोक, सन्नाटे और अत्यंत मर्मस्पर्शी मातम के माहौल के बीच गुजरा। उत्तर प्रदेश में हुए एक भीषण और दर्दनाक सड़क हादसे में अकाल मौत का शिकार हुए मेदिनीनगर के पांच मुस्लिम श्रद्धालुओं के शव जैसे ही शनिवार की देर रात उनके पैतृक आवास पहुंचे, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गया। परिजनों के आंसुओं और गगनभेदी करुण क्रंदन के बीच आज रविवार की सुबह एक साथ पांच जनाजे उठे। इस ऐतिहासिक और गमगीन अंतिम यात्रा में शामिल होने तथा दिवंगत आत्माओं को कंधा देने के लिए पलामू के कोने-कोने से हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा।
किछौछा शरीफ से जियारत कर लौट रहे थे सभी मित्र, रास्ते में काल बनकर खड़ा था ट्रक
घटनाक्रम के अनुसार, मेदिनीनगर के चार बेहद करीबी प्रबुद्ध मित्र और उनका एक स्थानीय वाहन चालक बिहार के डेहरी में आयोजित एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां वैवाहिक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद सभी लोग उत्तर प्रदेश स्थित प्रसिद्ध सूफी संत की मजार ‘किछौछा शरीफ’ में जियारत और दुआ मांगने के लिए पहुंचे थे।
पवित्र जियारत पूरी कर अपनी कार से वापस मेदिनीनगर लौटते समय उत्तर प्रदेश के आजमगढ़-अंबेडकर नगर जिले के देवगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत वाराणसी-आजमगढ़ मुख्य मार्ग पर उनकी तेज रफ्तार कार और सड़क किनारे खड़े एक भारी ट्रक के बीच सीधे भीषण और भयावह टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार और विनाशकारी थी कि कार सवार तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल लोगों ने अस्पताल ले जाने के क्रम में और वाराणसी में इलाज के दौरान कड़े संघर्ष के बाद दम तोड़ दिया।
मेदिनीनगर के इन 5 प्रबुद्ध नागरिकों की हादसे में गई जान
हाफिज रज्जाक साहब (हाजी अब्दुल रजाक): मेदिनीनगर छोटी मस्जिद के सामने स्थित प्रसिद्ध ‘किताब घर’ के संचालक व प्रबुद्ध धार्मिक मार्गदर्शक।
कैश अंकल (कैश आलम): शहर की विख्यात ‘जनता मेडिकल’ सेवा से जुड़े प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता।
सोहराब राइन: गोसिया मदरसा व सब्जी मंडी क्षेत्र के जाने-माने फल व सब्जी व्यवसायी।
अजमल आलम: कांजी हाउस मोहल्ला निवासी प्रबुद्ध और कर्मठ नागरिक।
अरबाज खान: पनेरी गली निवासी कुशल वाहन चालक, जो कार चला रहे थे।
कन्नी राम चौक छोटी मस्जिद में पढ़ी गई जनाजे की नमाज, उमड़े सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि
शनिवार देर रात शवों के मेदिनीनगर पहुंचते ही जिला प्रशासन और पुलिस की विधिक मौजूदगी में शवों को परिजनों को सौंप दिया गया था। आज रविवार की सुबह से ही शहर के विभिन्न मोहल्लों और दूर-दराज के गांवों से हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए मृतकों के आवास पर जुटने लगे।
आज रविवार की सुबह मेदिनीनगर के कन्नी राम चौक के समीप स्थित ऐतिहासिक छोटी मस्जिद के मुख्य प्रांगण में एक साथ पांचों मृतकों के जनाजे की विधिक नमाज (नमाज़-ए-जनाजा) अदा की गई। इस मौके पर पलामू के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से पलामू के इन प्रबुद्ध नागरिकों को अपनी विधिक श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया। स्थानीय धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों की मगफिरत (मोक्ष/बख्शिश) और परिजनों को इस कड़े वज्रपात को सहने के लिए सब्र की दुआ की है।
पुलिस लाइन रोड कब्रिस्तान में अश्रुपूर्ण वातावरण के बीच सुपुर्द-ए-खाक
जनाजे की नमाज मुकम्मल होने के बाद सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिकों के कंधों से होते हुए सभी पांचों जनाजों को एक लंबी कतार में पुलिस लाइन रोड स्थित मुख्य केंद्रीय कब्रिस्तान ले जाया गया। वहां पूरी धार्मिक रीति-रिवाजों, विधिक परंपराओं और कड़े गमगीन माहौल के बीच आज रविवार सुबह करीब पांचों शवों को एक साथ सुपुर्द-ए-खाक (दफन) कर दिया गया।



















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