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रोड पर मौत बनकर दौड़ रहे कोल वाहन: खोटाही नदी के पास दो हाइवा में आमने-सामने भीषण टक्कर; जर्जर पुल बना हादसों का केंद्र

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एक पखवाड़े में हो चुकी हैं 4 से 5 दुर्घटनाएं, फिर भी सोया है संबंधित विभाग; अप्रशिक्षित चालकों के भरोसे चल रहा कोयला परिवहन; जोरदार टक्कर से वाहनों के परखच्चे उड़े, बाल-बाल बची जान

न्यूज स्केल लाइव 

गिद्धौर (चतरा): चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र अंतर्गत चतरा-हजारीबाग भाया कटकमसांडी मुख्य सड़क पर रविवार की देर रात कोयला परिवहन में लगे दो भारी हाइवा वाहनों के बीच आमने-सामने एक भीषण और जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि दोनों हाइवा वाहनों के अगले हिस्से (कैबिन) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए और परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में एक हाइवा चालक गंभीर रूप से चोटिल हो गया है। गनीमत यह रही कि इस भीषण टक्कर के बावजूद समय रहते कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई और एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

जर्जर सड़क और पुलिया बनी काल, 15 दिनों में 5 दुर्घटनाएं फिर भी विभाग बेपरवाह

स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के अनुसार खोटाही नदी स्थित उक्त पुल के पास मुख्य सड़क पूरी तरह से जर्जर और बदहाल हो चुकी है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और संकीर्ण स्थिति के कारण यह पूरा इलाका अब दुर्घटनाओं का मुख्य केंद्र (ब्लैक स्पॉट) बन गया है।

तथ्य यह है कि पिछले महज एक पखवाड़े (15 दिन) के भीतर ही इस स्थान पर 4 से 5 छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद जर्जर स्थिति को दुरुस्त करने या सड़क की मरम्मत करने को लेकर संबंधित विभाग द्वारा अब तक धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। विभाग की इसी घोर लापरवाही के कारण आएदिन निर्दोष लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।

कोयला खाली कर लौट रहे हाइवा से टकराया लोड वाहन, मची अफरा-तफरी

इस भीषण सड़क दुर्घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार एक हाइवा वाहन कटकमसांडी क्षेत्र में कोयला खाली करने के बाद वापस चतरा की ओर लौट रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहा दूसरा कोयला लदा (लोड) हाइवा तेज रफ्तार में कटकमसांडी की तरफ जा रहा था। जैसे ही दोनों भारी वाहन खोटाही नदी के पास पहुंचे, सड़क की खराबी और संकीर्णता के कारण दोनों अचानक आमने-सामने आ गए और उनके बीच सीधी व जोरदार भिड़ंत हो गई।

रात के सन्नाटे में टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि उसे सुनकर आस-पास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए और राहत कार्य में जुट गए। दुर्घटना के बाद मुख्य मार्ग पर कुछ समय के लिए भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई और लंबा जाम लग गया। बाद में स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए भारी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को धीरे-धीरे सड़क के किनारे करवाया, जिसके बाद ही हाईवे पर यातायात पूरी तरह सामान्य हो सका।

असावधानी और अप्रशिक्षित चालक बने हादसे का कारण, उठी कड़े पहरे की मांग

हादसे में घायल हुए एक हाइवा चालक को ग्रामीणों की मदद से तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए भिजवाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि यदि दोनों वाहनों की गति थोड़ी भी और अधिक होती, तो मौके पर ही दोनों चालकों की जान जा सकती थी।

दुर्घटना के तकनीकी कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर देर रात का समय होने और वाहन चालकों की घोर असावधानी को ही इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। इस घटना के बाद क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों के चालकों से सावधानीपूर्वक और गति सीमा में वाहन चलाने की भावुक अपील की है।

ग्रामीणों का सीधा आरोप: स्थानीय लोगों ने कड़े शब्दों में कहा कि चतरा की सड़कों पर ये कोल वाहन अब आम नागरिकों के लिए ‘मौत’ बनकर दौड़ रहे हैं और आएदिन कोई न कोई मासूम इनकी चपेट में आ जाता है। इसके बावजूद संबंधित माइनिंग या परिवहन विभाग द्वारा इस बेलगाम रफ्तार पर रोक लगाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि परिवहन कंपनियों द्वारा भारी संख्या में अप्रशिक्षित और नौसिखिए हाइवा चालकों के हाथों में गाड़ियां सौंप दी गई हैं, जो बिना किसी सुरक्षा चेतना के सड़कों पर गाड़ियां दौड़ाते हैं और दुर्घटनाओं को आमंत्रण देते हैं। प्रशासन को तुरंत इन चालकों के लाइसेंस और ट्रेनिंग की जांच करनी चाहिए।

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