24 दिसंबर की बैठक के अनुपालन की विभागवार समीक्षा; इटखोरी पुल को जल्द पूरा करने का निर्देश, वन विभाग के एनओसी के चलते अटकी फाइलों पर आपसी समन्वय बनाने पर जोर
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा: समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता चतरा सांसद सह दिशा समिति के अध्यक्ष कालीचरण सिंह ने की। इस उच्च स्तरीय बैठक में पूर्व में 24 दिसंबर 2025 को आयोजित बैठक के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विभागवार बारीकी से समीक्षा की गई तथा विभिन्न लोक-कल्याणकारी व विकास योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को कई कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के प्रारंभ में सांसद, क्षेत्रीय विधायकों, जिला परिषद अध्यक्षा एवं नगर परिषद अध्यक्ष को पौधा भेंट कर स्वागत किया गया, जिसके बाद एजेंडावार समीक्षा की शुरुआत हुई।
इन प्रमुख विभागों और बड़ी कंपनियों के कामकाज का हुआ एक्स-रे
समीक्षा के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की तमाम बड़ी योजनाओं के साथ-साथ जिले में सक्रिय सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के कार्यों पर भी बिंदुवार चर्चा की गई। इसमें मुख्य रूप से:
प्रधानमंत्री आवास योजना, सांसद आदर्श ग्राम योजना, ग्रामीण कार्य विभाग (RWD), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)।
जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT), पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल (PHED), विद्युत विभाग, भूमि संरक्षण, शिक्षा, आपूर्ति, स्वास्थ्य और खनन विभाग।
इसके अलावा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे पर काम कर रही NTPC, CCL एवं इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड (IRCON) से संबंधित बड़ी परियोजनाओं की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
इटखोरी पुल को जल्द पूरा करने का टॉस्क, फॉरेस्ट एनओसी के पेच पर सख्त निर्देश
सड़क, पुल-पुलिया एवं अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की लेटलतीफी पर सांसद ने गहरी चिंता व्यक्त की:
इटखोरी पुल का निर्माण: इटखोरी क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के संबंध में विभागीय अभियंतों ने समिति को आश्वस्त किया कि शेष बची तकनीकी प्रक्रियाएं पूर्ण करते हुए कार्य को शीघ्र गति प्रदान की जाएगी। इस पर सांसद ने आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
फॉरेस्ट एनओसी (NOC) का पेच: समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले की कुछ बड़ी बुनियादी योजनाएं वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) सहित अन्य तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृतियों के अभाव में लंबित हैं। इस पर सांसद ने संबंधित विभागों के अधिकारियों और वन प्रमंडल पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर तुरंत स्वीकृतियां प्राप्त करने का निर्देश दिया।
पेयजल, बिजली और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर बल
भीषण गर्मी में पानी को प्राथमिकता: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, जलमीनार की स्थिति, पाइपलाइन विस्तार तथा जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति पर पीएचइडी को स्पष्ट एक्शन प्लान बनाने को कहा गया।
बिजली संकट का हो त्वरित समाधान: विद्युत विभाग से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने, लंबित पड़े ट्रांसफार्मर और तारों के कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
स्कूल-अस्पताल दुरुस्त करने के निर्देश: विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य संस्थानों में जीवन रक्षक संसाधनों की व्यवस्था और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के सुचारू संचालन को लेकर सख्त निर्देश दिए गए।
जनप्रतिनिधियों ने उठाए जनहित के मुद्दे, रेड क्रॉस भवन पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान जिले के विधायकों और जनपदों को अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं को रखने का पूरा अवसर मिला। इस क्रम में रेड क्रॉस भवन निर्माण, स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सीय सुविधाओं व एंबुलेंस की उपलब्धता, ग्रामीण पेयजल संकट और जर्जर सड़कों-पुलों के निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे उठाए गए।
सांसद कालीचरण सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं होगा। अधिकारी जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर काम करें।
बैठक में जिले के इन शीर्ष अधिकारियों और जनपदों की रही उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक अमले के साथ-साथ जिले के तमाम शीर्ष नीति निर्माता उपस्थित थे, जिनमें मुख्य रूप से चतरा उपायुक्त (DC) रवि आनंद, चतरा विधायक जनार्दन पासवान, सिमरिया विधायक उज्ज्वल कुमार दास, बड़कागांव विधायक रौशन लाल चौधरी, सांसद हजारीबाग प्रतिनिधि रविन्द्र सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी (उत्तरी) राहुल मीणा, वन प्रमंडल पदाधिकारी (दक्षिणी) मुकेश कुमार, जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी, नगर परिषद अध्यक्ष अताउर रहमान, उप विकास आयुक्त (DDC) अमरेंद्र कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता (AC) अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) जहूर आलम, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सन्नी वर्धन, जिला खनन पदाधिकारी (DMO) मनोज टोप्पो, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) शकील अहमद, सभी प्रखंड प्रमुख, विभागीय कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित कर्मी उपस्थित थे।

















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