गांव में आदिवासी रीति-रिवाज से शादी होने के बाद पहुंची पुलिस, डायल 112 पर मिली शिकायत के बाद अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी ने की विधिक कार्रवाई; बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज, दोनों पक्षों के अभिभावकों और शादी कराने वाले पहान पर भी कसेगा शिकंजा
लोहरदगा | न्यूज स्केल लाइव
झारखंड के लोहरदगा जिले में सामाजिक कुरीतियों और कानून के उल्लंघन के खिलाफ प्रशासनिक मुस्तैदी का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। जिले के किस्को थाना क्षेत्र अंतर्गत कोचा गांव में हो रहे एक बाल विवाह की गुप्त सूचना पर प्रशासन ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए शादी संपन्न होने के तुरंत बाद दूल्हे को अपनी हिरासत में ले लिया है।
इस विधिक दबिश के बाद विवाह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने नाबालिग दुल्हन को रेस्क्यू कर सुरक्षित संरक्षण में ले लिया है, जबकि कानून का उल्लंघन करने वाले दोनों पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रीति-रिवाज से पूरी हो चुकी थीं रस्में; मांडर से कोचा गांव आई थी बारात
प्राप्त आधिकारिक और जमीनी विधिक जानकारी के अनुसार, रांची जिले के मांडर थाना क्षेत्र अंतर्गत ब्राम्बे निवासी लच्छू उरांव पूरे गाजे-बाजे के साथ बारात लेकर लोहरदगा के किस्को थाना क्षेत्र स्थित कोचा गांव पहुंचा था। वधु पक्ष के घर पर बारात का स्वागत सत्कार किया गया और देर रात तक आदिवासी रीति-रिवाज के साथ शादी की सभी विधिक व सामाजिक रस्में पूरी भी कराई जा चुकी थीं।
इसी दौरान किसी जागरूक नागरिक द्वारा आपातकालीन सेवा डायल 112 पर कॉल करके प्रशासन को इस बात की गुप्त शिकायत दी गई कि जिस लड़की की शादी कराई जा रही है, वह उम्र के विधिक मापदंडों के अनुसार पूरी तरह से नाबालिग है।
डायल 112 के इनपुट पर पहुंचे सीओ और थाना प्रभारी; लड़की के नाबालिग होने की हुई विधिक पुष्टि
बाल विवाह की संगीन सूचना मिलते ही लोहरदगा जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव मोड में आ गया। किस्को अंचल अधिकारी (CO) अजय कुमार और थाना प्रभारी मानस कुमार साधु सशस्त्र पुलिस बल और महिला आरक्षियों के साथ तुरंत विवाह स्थल पर पहुंचे।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जब लड़की के शैक्षणिक व जन्म प्रमाण पत्रों की विधिक जांच की, तो उसके नाबालिग होने की आधिकारिक पुष्टि हो गई। इसके बाद पुलिस ने त्वरित ऐक्शन लेते हुए दूल्हे लच्छू उरांव को तुरंत मौके पर ही हिरासत में ले लिया। वहीं, नाबालिग दुल्हन को उसकी सुरक्षा और उचित काउंसलिंग के लिए लोहरदगा स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर सुरक्षित भेज दिया गया है।
बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत मामला दर्ज; पहान और अभिभावकों पर कार्रवाई शुरू
किस्को थाना प्रभारी मानस कुमार साधु ने मामले की विधिक पुष्टि करते हुए बताया कि इस पूरे प्रकरण को लेकर बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की सुसंगत और कड़क धाराओं के तहत किस्को थाने में एक नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
इस विधिक मामले के तहत केवल दूल्हे पर ही नहीं, बल्कि कानून की अवहेलना करने वाले निम्नलिखित लोगों को भी रडार पर लिया गया है:
आरोपी दूल्हा लच्छू उरांव (हिरासत में)
लड़की पक्ष के माता-पिता एवं अभिभावक
लड़का पक्ष के माता-पिता एवं अभिभावक
विवाह की रस्में संपन्न कराने वाले स्थानीय पहान (पुजारी)
शादी की साजिश और आयोजन में शामिल अन्य मुख्य सहयोगी
अंचल अधिकारी अजय कुमार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि समाज में बाल विवाह जैसे संगीन और गैर-कानूनी कृत्यों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून के खिलाफ जाकर नाबालिग बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले और इस सामाजिक बुराई को बढ़ावा देने वाले सभी दोषियों पर कड़ा विधिक हंटर चलाया जा रहा है। इस त्वरित कार्रवाई के बाद से पूरे किस्को क्षेत्र में कानून तोड़ने वाले बिचौलियों और तत्वों के बीच भारी हड़कंप मचा हुआ है।






















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