90 दिवसीय आउटरीच प्रोग्राम के तहत विभिन्न पंचायतों में दौड़ा कानूनी सहायता केंद्र का दस्ता,अधिकार मित्रों ने कहा “गरीबों और असहायों को मिलेगी बिल्कुल निःशुल्क कानूनी सहायता”
सिमरिया/गिद्धौर (चतरा) | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब, असहाय और जरूरतमंद नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति सजग बनाने तथा न्याय की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए न्यायपालिका ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) चतरा के सचिव तारकेश्वर दास के कुशल विधिक निर्देशन में कानूनी सहायता केंद्र सिमरिया और गिद्धौर द्वारा 90 दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम के तहत प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में ताबड़तोड़ कानूनी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित लोकहितकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ समाज में फैले अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ विधिक रूप से मजबूत करना है।
सिमरिया के लुतडीह और सडमा में अधिकार मित्रों ने संभाली कमान; दी नालसा की जानकारी
90 दिवसीय आउटरीच अभियान के तहत सिमरिया प्रखंड के लुतडीह ग्राम में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में मुख्य रूप से नालसा (NALSA) की जन-कल्याणकारी स्कीमों की विस्तृत विधिक जानकारी ग्रामीणों के बीच साझा की गई।
शिविर में मुख्य रूप से इन विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक किया गया:
नशा पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं: समाज को नशे के जाल से मुक्त कराने के लिए प्राधिकार द्वारा दी जाने वाली विधिक मदद के राडार को समझाया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत: मुकदमों के आपसी समझौते के आधार पर त्वरित निष्पादन के नियमों की विधिक जानकारी दी गई।
डायन प्रताड़ना निवारण अधिनियम: अंधविश्वास के नाम पर महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ बने कड़े कानून से लोगों को अवगत कराया गया।
टोल फ्री नंबर 15100: किसी भी आपातकालीन विधिक सहायता के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के टोल फ्री नंबर का प्रचार-प्रसार किया गया।
इस दौरान अधिकार मित्र सुबोध कुमार शर्मा, उमेश प्रसाद, रंजन कुमार मिश्रा एवं सीता देवी ने लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग किया। वहीं दूसरी ओर अधिकार मित्र अंजली कुमारी द्वारा सिमरिया के ही ग्राम सडमा में और अधिकार मित्र मोहम्मद अख्तर ने भी अपने निर्धारित क्षेत्र में जागरूकता शिविर का सफल संचालन किया।
गिद्धौर के बारिशंकी में भी सजा विधिक मंच; पीएलवी (PLV) ने ग्रामीणों को किया प्रेरित
इसी अभियान की अगली कड़ी में प्राधिकार के सचिव तारकेश्वर दास के निर्देशानुसार बुधवार को गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय के अंतर्गत आने वाली बारिशंकी पंचायत में भी एक कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित हुए।
समारोह में उपस्थित थाना पीएलवी जितेंद्र दास, ब्लॉक पीएलवी तपेश्वर कुमार यादव, मंझागवा पंचायत पीएलवी सुरेश प्रसाद राणा एवं बारिसाखी पंचायत पीएलवी पवन कुमार ने ग्रामीणों को कानून के प्रति हमेशा सचेत रहने की सीख दी। थाना पीएलवी जितेंद्र दास ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए स्पष्ट विधिक संदेश दिया:
“जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चतरा का मुख्य उद्देश्य ही यह है कि कोई भी गरीब या असहाय नागरिक धन के अभाव में न्याय से वंचित न रहे। प्राधिकार द्वारा समाज के शोषित और कमजोर वर्गों को पूरी तरह से निःशुल्क कानूनी सहायता (Free Legal Aid) उपलब्ध कराई जाती है। इसलिए किसी भी प्रकार की विधिक समस्या होने पर लोग बेझिझक प्राधिकार के कार्यालय या नजदीकी कानूनी सहायता केंद्र से संपर्क कर इस विधिक सेवा का लाभ उठा सकते हैं।”
प्राधिकार के इस निरंतर और मुस्तैद अभियान की स्थानीय समाजसेवियों और ग्रामीणों ने व्यापक सराहना की है। लोगों का मानना है कि ऐसे विधिक शिविरों के आयोजन से ग्रामीण अंचलों में बिचौलियों के प्रभाव में कमी आएगी और जनता सीधे अपने विधिक अधिकारों का उपयोग कर सकेगी।





















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