पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के सामने डाले हथियार; दुर्गम जंगलों में सक्रिय दस्ते ने पूर्व विधायक पर हमले और टोंटो-गोइलकेरा मुठभेड़ समेत 15 बड़ी वारदातों को दिया था अंजाम, पुनर्वास नीति का मिलेगा लाभ
रांची | न्यूज स्केल लाइव
झारखंड में नक्सलियों और उग्रवादियों के समूल सफाए के लिए सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन’ को आज तक की सबसे ऐतिहासिक और बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। राजधानी रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में 21 मई 2026 को आयोजित एक भव्य आधिकारिक कार्यक्रम में झारखंड पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के शीर्ष अधिकारियों के समक्ष 8 इनामी उग्रवादियों समेत कुल 27 नक्सलियों ने अपने आधुनिक हथियारों के साथ सरेंडर कर दिया और हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया।
आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों में से 25 कुख्यात भाकपा माओवादी (CPI-Maoist) संगठन के सक्रिय सदस्य हैं, जबकि दो अन्य जेजेएमपी (JJMP) उग्रवादी संगठन से जुड़े हैं।
कोल्हान के अभेद्य जंगलों का रीढ़ था यह दस्ता; दर्ज हैं 426 संगीन मामले
सुरक्षाबलों के अनुसार, सरेंडर करने वाले भाकपा माओवादियों का यह दस्ता कोल्हान प्रमंडल के बेहद दुर्गम, पहाड़ी और घने जंगली इलाकों में सक्रिय था, जो शीर्ष नक्सली नेता मिसिर बेसरा और अजय महतो के सिंडिकेट के लिए काम करता था। इस आत्मसमर्पण के साथ ही कोल्हान में लाल आतंक की कमर पूरी तरह टूट गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले इन उग्रवादियों के खिलाफ राज्य के विभिन्न थानों में कुल 426 गंभीर मामले दर्ज हैं। इन सभी पर हत्या, पुलिस बलों पर घात लगाकर हमला, विकास योजनाओं से लेवी (रंगदारी) वसूली, सरकारी संपत्तियों को उड़ाने और ताबड़तोड़ आईईडी ब्लास्ट करने जैसे देशद्रोह के संगीन आरोप हैं।
सरेंडर के दौरान सुरक्षा बलों को सौंपे गए घातक हथियारों की सूची:
मुख्यधारा में शामिल होने के दौरान नक्सलियों ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और जानलेवा गोला-बारूद सुरक्षा बलों को सुपुर्द किए, जिसमें शामिल हैं:
01 एलएमजी इंसास (LMG INSAS)
04 इंसास राइफल (INSAS Rifle)
09 एसएलआर (SLR)
01 बोल्ट एक्शन राइफल व 01 पिस्टल
31 मैगजीन, 2987 जिंदा कारतूस और 08 वॉकी-टॉकी
मुख्यधारा में लौटने वाले प्रमुख इनामी और महिला कैडर:
शीर्ष इनामी नक्सली: गादी मुंडा उर्फ गुलशन, नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा, रेखा मुंडा उर्फ जयंती, सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल और सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा। इसके अलावा जेजेएमपी संगठन के मुख्य कैडर सचिन बेक ने भी हथियार डाले।
अन्य मुख्य उग्रवादी: दर्शन उर्फ बिंज हांसदा, करण तियू उर्फ डांगुर, बासुमती जेराई उर्फ बासू, बैजनाथ मुंडा, रघु कायम उर्फ गुणा, किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका और राम दयाल मुंडा।
महिला ब्रिगेड (महिला कैडर): वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया और अनिशा कोड़ा उर्फ रानी।
कोल्हान और चाईबासा को दहलाने वाली सबसे खौफनाक और बड़ी वारदातें:
सुरक्षाबलों के रिकॉर्ड के मुताबिक, सरेंडर करने वाले इस दस्ते ने चाईबासा और आसपास के जिलों में आतंक फैला रखा था। इनके द्वारा अंजाम दी गई 15 सबसे बड़ी वारदातों का पूरा ब्योरा:
पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर जानलेवा हमला (जनवरी 2022): गोइलकेरा के झीलरंवा में फुटबॉल मैच के दौरान मनोहरपुर के पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर अचानक हमला किया गया। विधायक तो बच गए, लेकिन उनके दो जांबाज बॉडीगार्ड्स की बेरहमी से हत्या कर सरकारी हथियार लूट लिए गए। इसमें सागेन अंगारिया, रघु उर्फ गुना, सुलेमान, दर्शन और बिरसा कोड़ा मुख्य रूप से शामिल थे।
तुंबाहाका मुठभेड़ में दो जवान शहीद (अगस्त 2023): टोंटो थाना क्षेत्र के तुंबाहाका के जंगलों में घात लगाकर की गई फायरिंग में झारखंड जगुआर के दो पुलिसकर्मी शहीद हुए। मास्टरमाइंड सागेन और देवान थे।
मैगजीन हाउस से 7000 डिटोनेटर की बड़ी लूट (मार्च 2023): बड़ा जामदा ओपी क्षेत्र के मेरलगाढ़ा में एक मैगजीन हाउस पर धावा बोलकर 7,000 डिटोनेटर और भारी मात्रा में बारूद लूटा गया। इसमें सागेन, गुलशन, दर्शन, प्रभात मुंडा और शीर्ष नेता मिसिर बेसरा शामिल थे।
लोवाबेड़ा में कोबरा डिप्टी कमांडेंट पर हमला (जुलाई 2023): गोइलकेरा के लोवाबेड़ा में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए आईईडी ब्लास्ट और फायरिंग की गई, जिसमें कोबरा 209 बटालियन के डिप्टी कमांडेंट दीपक कुमार तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
राजाबासा आईईडी ब्लास्ट, जवान सुशांत कुंटिया शहीद (जनवरी 2023): टोंटो के राजाबासा में सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी ब्लास्ट किया गया, जिसमें सीआरपीएफ-60 के जवान सुशांत कुंटिया शहीद हो गए और मुन्नालाल यादव घायल हुए। इसमें शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनल, सागेन और गुलशन शामिल थे।
रेड़दाह और हुसीपी में 80 नक्सलियों के साथ मुठभेड़ (अगस्त 2023): मिसिर बेसरा और अजय महतो की मौजूदगी वाली माओवादियों की हेडक्वार्टर टीम (80 नक्सली) के साथ सीधी मुठभेड़ हुई, जिसमें सहायक समादेष्टा चंद्र प्रताप तिवारी गंभीर रूप से घायल हुए थे।
तिलाईबेड़ा में दहशत फैलाने के लिए आईईडी ब्लास्ट (अगस्त 2023): टोंटो के तिलाईबेड़ा में ग्रामीणों में खौफ पैदा करने और पुलिस को रोकने के लिए सागेन अंगारिया, गुलशन और प्रभात मुंडा के दस्ते ने आईईडी ब्लास्ट किया था।
बलिबा आईईडी ब्लास्ट – असिस्टेंट कमांडेंट समेत तीन घायल (मार्च 2025): छोटानागरा थाना के बलिबा जंगलों में एंटी-नक्सल अभियान को बाधित करने के लिए किए गए धमाके में एक असिस्टेंट कमांडेंट सहित तीन सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए।
मरांगपोंगा विस्फोट, सब-इंस्पेक्टर सुनील मंडल शहीद (मार्च 2025): छोटानागरा क्षेत्र में नक्सलियों के कायरतापूर्ण आईईडी हमले में 193 बटालियन के सब-इस्पेक्टर सुनील मंडल शहीद हो गए और एक हेड कांस्टेबल घायल हुए।
रातामाटी धमाका, झारखंड जगुआर के आरक्षी शहीद (अप्रैल 2025): छोटानागरा के रातामाटी मार्ग पर सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी ब्लास्ट में झारखंड जगुआर के आरक्षी सुनील धान शहीद हो गए।
दुगूनिया मुठभेड़, एरिया कमांडर अरुण ढेर (अगस्त 2025): गोइलकेरा के दुगूनिया जंगलों में सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में भाकपा माओवादी का एरिया कमांडर अरुण उर्फ वारूण उर्फ निलेश मडकम मारा गिराया गया था।
पंचलाता बुरू मुठभेड़, जोनल कमांडर अपटन ढेर (सितंबर 2025): गोइलकेरा के पंचलाता बुरू के जंगलों में सुरक्षाबलों ने बहादुरी का परिचय देते हुए माओवादियों के जोनल कमांडर अपटन उर्फ अमित हांसदा को ढेर कर दिया था।
बिंगईकीर और कुलापाबुरू की भीषण मुठभेड़ (नवंबर 2025): छोटानागरा क्षेत्र में मिसिर बेसरा, अनल और अनमोल के मुख्य दस्ते के साथ भीषण मुठभेड़ हुई। मौके से दो एसएलआर, एके 303 राइफल, जिलेटिन और दो लैपटॉप बरामद हुए।
कोलबंगा में कोबरा असिस्टेंट कमांडेंट घायल (मार्च 2026): जराईकेला के कोलबंगा में नक्सलियों के घात लगाकर किए गए आईईडी ब्लास्ट में कोबरा 209 बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट अजय मल्लिक सहित तीन जवान जख्मी हुए थे.
दलाईगढ़ा में बड़ा हमला, 6 जवान जख्मी (अप्रैल 2026): छोटानागरा के दलाईगढा में पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षाबलों पर लक्षित ताबड़तोड़ फायरिंग और आईईडी विस्फोट किए गए, जिसमें कोबरा 205, 207 और 210 बटालियन के कुल 06 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा आर्थिक लाभ; समाज से जुड़ने की अपील
पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले इन सभी नक्सलियों को झारखंड सरकार की आकर्षक पुनर्वास नीति (Surrender Policy) के तहत त्वरित आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा, मुफ्त चिकित्सा और आवास जैसी सभी पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही, इनके द्वारा जमा किए गए एलएमजी इंसास, एसएलआर और इंसास जैसे घातक सरकारी हथियारों के एवज में निर्धारित की गई सरकारी प्रोत्साहन राशि भी सीधे उनके बैंक खातों में अलग से ट्रांसफर की जाएगी। अधिकारियों ने अन्य भटके हुए उग्रवादियों से भी हथियार छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की पुरजोर अपील की है।






















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