डीडीसी ने कहा- ऊपरी भूमि पर दलहन-तिलहन से बढ़ेगी आमदनी, आत्मा और कृषि विभाग ने दी आधुनिक तकनीक की जानकारी
चतरा | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले के अन्नदाताओं को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, बदलते मौसम के मिजाज के अनुरूप तैयार करने और उनकी आय दोगुनी करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) सह प्रशिक्षण भवन हॉल, चतरा में बुधवार को जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस महा-कार्यशाला में चतरा जिले के विभिन्न सुदूरवर्ती प्रखंडों से आए लगभग 550 प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप विकास आयुक्त (DDC) अमरेंद्र कुमार सिन्हा उपस्थित हुए और दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया।
बदलते मौसम में अपनाएं आकस्मिक फसल; ऊपरी जमीन पर करें दलहन-तिलहन की खेती
कार्यशाला में उपस्थित विशाल किसान जनसमूह को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा ने बदलते मौसम और कम बारिश की चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ आकस्मिक फसल (Contingency Crops) प्रणाली को अपनाएं। डीडीसी ने कहा:
“चतरा की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहाँ के किसानों के लिए ऊपरी भूमि पर धान के बजाय दलहन (दालें) एवं तिलहन (तेल वाले बीज) फसलों की खेती करना काफी लाभकारी और मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है। किसान आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर कम पानी में भी बंपर पैदावार ले सकते हैं।”
बड़ी सौगात: चतरा के सभी प्रखंडों में स्थापित होंगे ‘सोलर कोल्ड स्टोरेज’
किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने और उनके परिश्रम को सही मूल्य दिलाने के लिए डीडीसी ने एक बड़ी और ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा, हरी सब्जियों व कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी प्रखंडों में सोलर कोल्ड स्टोरेज (Solar Cold Storage) स्थापित किए जाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके बन जाने से किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों में बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी।
पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन से सीखे बीज चयन और खेती के आधुनिक गुर
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में जिला कृषि पदाधिकारी ने खरीफ मौसम को लेकर कृषि विभाग द्वारा संचालित की जा रही तमाम कल्याणकारी और अनुदान आधारित योजनाओं की बिंदुवार जानकारी दी। उन्होंने स्क्रीन पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से किसानों को आकस्मिक फसल प्रबंधन, उन्नत बीज चयन की प्रक्रिया, कम लागत में अधिक मुनाफे वाली खेती की आधुनिक तकनीक एवं विभागीय सब्सिडी योजनाओं के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षित किया।
इसे भी पढ़ें: गुवा में बड़ी सनसनी; स्कूल से लौटने के बाद एक साथ 3 बच्चे लापता, चाम्पिया का 5 दिनों से सुराग नहीं
आत्मा, मत्स्य, पशुपालन और एलडीएम ने बैंकिंग सुविधाओं पर डाला प्रकाश
आत्मा योजना: उप परियोजना निदेशक (आत्मा, चतरा) रमेश कुमार ने आत्मा योजना के अंतर्गत किसानों को उन्नत खेती के लिए उपलब्ध कराए जा रहे विशेष प्रशिक्षण (Training), परिभ्रमण (Exposure Visits) एवं प्रत्यक्षण (Demonstration) कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की।
विभागीय समन्वय: जिला मत्स्य पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, भूमि संरक्षण एवं सहकारिता विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भी बारी-बारी से मंच से किसानों को मछली पालन, पशुधन विकास और सहकारी समितियों से मिलने वाले लाभों के बारे में बताया।
केसीसी लोन: कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) ने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के सरल लाभों, ब्याज माफी के नियमों और विभिन्न बैंकिंग डिजिटल सुविधाओं के बारे में विस्तार से जागरूक किया।
इस कार्यशाला का कुशल मंच संचालन उप परियोजना निदेशक (आत्मा) रमेश कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला कृषि विभाग एवं आत्मा के वरिष्ठ अधिकारियों, लिपिकों व कर्मियों के साथ-साथ जिले के सभी प्रखंडों से आए असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर (ATM) एवं ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर (BTM) मुख्य रूप से उपस्थित थे, जिन्होंने किसानों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान करने के लिए पंजीकरण काउंटर संभाला।






















Total Users : 975269
Total views : 2739669