आग की चपेट में आने से विधवा की दो पालतू बकरियों की तड़प-तड़पकर हुई मौत, आशियाना और राशन सब स्वाहा; पैदल कस्टडी देख उमड़ी भीड़
कोडरमा | न्यूज स्केल लाइव
कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक बेहद क्रूर और हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ महज एक ऑमलेट न मिलने से नाराज होकर एक गरीब और बेबस विधवा महिला के आशियाने व ढाबे में आग लगाने वाले मुख्य आरोपी रवि बिरहोर को तिलैया थाना पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए कोर्ट ले जा रही थी, तब शहर के व्यस्ततम बीचों-बीच एक बेहद दिलचस्प और कौतूहल पैदा करने वाला वाकया हुआ। पुलिस कस्टडी में आरोपी को झंडा चौक से लेकर पूर्णिमा टॉकीज तक मुख्य सड़क पर पैदल मार्च कराया गया, जिसे देखने के लिए राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
बीच रास्ते में अचानक खराब हुई पुलिस की गाड़ी, शुरू हुई ‘सड़क पर परेड’
तिलैया थाना पुलिस के मुताबिक, आरोपी रवि बिरहोर को सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद पुलिस वाहन (सरकारी गाड़ी) से न्यायालय (कोर्ट) में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान शहर के सबसे व्यस्त झंडा चौक स्थित रेलवे ओवरब्रिज के पास पुलिस की गाड़ी अचानक किसी तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई।
सुरक्षाकर्मियों ने काफी कोशिश की, लेकिन जब वाहन चालू नहीं हुआ, तो समय की महत्ता और सुरक्षा को देखते हुए जवानों ने बिना वक्त गंवाए आरोपी को गाड़ी से नीचे उतारा और पैदल ही कोर्ट की तरफ ले जाने लगे। शहर के मुख्य मार्ग पर पुलिस के कड़े पहरे के बीच हथकड़ी लगे आरोपी को इस तरह पैदल जाते देख पूरे रास्ते में लोग रुक गए और पुलिस की इस अप्रत्याशित “सड़क परेड” को देखते रहे, जो अपराधियों में खौफ का संदेश दे गई।
देर रात ऑमलेट बनाने की जिद पर अड़ा था आरोपी; मना करने पर फूंक दिया आशियाना
यह रोंगटे खड़े कर देने वाली अमानवीय घटना बीते रविवार की देर रात तिलैया थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर दो स्थित बिरहोर टोला की है। यहाँ रहने वाली गरीब विधवा महिला पिंकी देवी एक छोटी सी झोपड़ीनुमा दुकान (ढाबा) चलाकर बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का पेट पालती थीं।
पीड़िता ने तिलैया पुलिस को दिए अपने लिखित बयान में बताया कि रविवार की रात आरोपी रवि बिरहोर नशे या टशन की हालत में उसके ढाबे पर आया और देर रात जबरन ऑमलेट बनाने की जिद करने लगा। रात काफी अधिक हो जाने, दुकान का सारा सामान समेट लेने और बंद करने का समय हो जाने के कारण पिंकी देवी ने ऑमलेट बनाने से असमर्थता जताई। इस मामूली बात पर आरोपी पूरी तरह आगबबूला हो गया और उसने विधवा को ‘देख लेने’ की खौफनाक धमकी दी और वहां से पैर पटकते हुए चला गया।
इसके कुछ ही देर बाद, जब रात के सन्नाटे में पिंकी देवी और उनका परिवार गहरी नींद में सो रहा था, आरोपी रवि बिरहोर ने क्रूरता की हदें पार करते हुए झोपड़ीनुमा ढाबे में चारों तरफ से आग लगा दी।
दो बेजुबान बकरियों की जलकर दर्दनाक मौत; भुखमरी की कगार पर आया परिवार
रात में लगी यह आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते पिंकी देवी का पूरा ढाबा धू-धू कर जल उठा। इस अग्निकांड में दुकान के अंदर रखा परिवार का साल भर का सारा अनाज, राशन, बर्तन और मेहनत की नगदी जलकर पूरी तरह राख हो गई।
इस घटना का सबसे दर्दनाक और हृदयविदारक पहलू यह रहा कि दुकान के ठीक बगल में सुरक्षित बंधी पिंकी देवी की दो पालतू बकरियां भी इस आग की भयंकर लपटों की चपेट में आ गईं। खूंटे से बंधे होने के कारण बेजुबान भाग नहीं सके और तड़प-तड़पकर मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पिंकी देवी के पति मुकेश की मौत पहले ही हो चुकी है। वह अपनी बूढ़ी सास और छोटे-छोटे अनाथ बच्चों के साथ इसी छोटे से ढाबे से होने वाली दैनिक कमाई के भरोसे जीवन बसर कर रही थीं। इस जालिम घटना ने न सिर्फ एक गरीब के सिर से आशियाना और आजीविका छीन ली है, बल्कि उनके पूरे मासूम परिवार के सामने अब खुले आसमान के नीचे भूखों मरने का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने दिखाई तत्परता
घटना के बाद हरकत में आई तिलैया थाना पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और त्वरित तफ्तीश करते हुए आरोपी रवि बिरहोर को उसके संभावित ठिकाने से धर दबोचा। इस पूरे घटनाक्रम, त्वरित जांच और कोर्ट ले जाने के दौरान पैदा हुए पैदल मार्च के वक्त तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार खुद पुलिस बल के जवानों के साथ पूरी मुस्तैदी से डटे रहे, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है और पीड़ित विधवा को तुरंत मुआवजा देने की मांग की है।






















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