खाकी वर्दी पर जब भरोसे की जिम्मेदारी होती है, तो उससे ईमानदारी की उम्मीद भी सबसे ज़्यादा की जाती है। यह खबर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है कि कानून के रखवाले ही अगर कानून तोड़ने लगें तो आम आदमी न्याय की आस किससे लगाए?
गुमला | ब्यूरो रिपोर्ट : अजय शर्मा
झारखंड के गुमला जिले में खाकी वर्दी एक बार फिर दागदार हो गई है। मामला चैनपुर थाना का है, जहां नए थाना प्रभारी ने पदभार संभालते ही भ्रष्टाचार का रास्ता अपना लिया। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को चैनपुर थाना प्रभारी शैलेश कुमार को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि शैलेश कुमार ने महज दो दिन पहले ही रविवार को
चैनपुर थाने की कमान संभाली थी।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान थाना प्रभारी शैलेश कुमार और पूर्व थाना प्रभारी अशोक कुमार ने पीड़ित जयपाल नायक से निजी मकान के लिए ईंट पकाने के एवज में अवैध वसूली का दबाव बनाया था। पीड़ित जयपाल नायक ने बताया कि वह एक गरीब व्यक्ति है और लगातार थानेदार द्वारा पैसों की मांग से मानसिक रूप से परेशान हो चुका था।
थक-हारकर जयपाल नायक ने पूरे मामले की शिकायत एसीबी रांची से की। शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और थाना प्रभारी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई।
👉 रंगे हाथ गिरफ्तारी
बुधवार दोपहर जैसे ही थाना प्रभारी ने रिश्वत की रकम ली, एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद
एसीबी की टीम ने करीब 15 मिनट तक आरोपी के आवास की तलाशी ली। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शाम करीब 3 बजकर 10 में
आरोपी थानेदार को रांची ले जाया गया।
👉 पुलिस महकमे में हड़कंप
इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं चैनपुर और आसपास के इलाकों में इस घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग एसीबी की कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।






















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